Top 37+ Best Hindi Poem For Class 1 | हिंदी कविता कक्षा 1 के लिए

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Here I am sharing beautiful 10 Best Hindi Poem For Class 1 in which very valuable thought is presented by the poet.In this article, we shall discuss Hindi Poems with moral for kids. Hindi has an extensive assemblage of poems. Poems play a very crucial role in any language.

children are usually bundled with morals and values to be imparted to kids. Here Given below is a collection of Hindi Poem for Class 1 kids.

यहाँ छोटे बच्चों के लिए ज्ञान पर लिखी हुई बहुत ही सुंदर कविता प्रस्तुत किया गया है। यह कविता हमारे सभी नन्हें-मुन्हें बच्चों के लिए जरूर पसंद होगी। आज के लेख में, हम बच्चों के लिए नैतिक के साथ कक्षा 1 के लिए हिंदी कविताओं पर चर्चा करेंगे। कविताएँ किसी भी भाषा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

बच्चों को आमतौर पर नैतिकता और मूल्यों पर आधारित कविता पढ़ना पसंद करते हैं। हम यहां पर कुछ गिने चुने बेस्ट कविता कक्षा 1 के लिए साझा कर रहे हैं। शायद यह कविता बच्चों को पसंद आएं, हमारा यही छोटा सा प्रयास है।

 

Hindi Poem For Class 1

 

चंदा मामा

Hindi Poem For Class 1

 

चंदा मामा, आ जाना,

साथ मुझे कल ले जाना।

कल से मेरी छुट्टी है,

ना आये तो कुट्टी हैं।

 

चंदा मामा खाते लड्डु,

आसमान की थाली में।

लेकिन वे पीते हैं पानी,

आकर मेरी प्याली में।

 

चंदा देता हमें चाँदनी,

सूरज देता धूप।

मेरी अम्मा मुझे पिलातीं,

बना टमाटर सूप।

 

थपकी दे-दे कर जब अम्मा,

मुझे सुलाती रात में।

सो जाता चंदा मामा से,

करता-करता बात मैं।

 

देश की शान

1st Standard Poem In Hindi

 

हम भारत देश के बच्चे,

हम हैं अपनी बात के सच्चे।

हम नहीं किसी से डरते हैं,

जो कहते वह करते हैं।

 

हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,

हम आपस में हैं भाई-भाई।

भेद-भाव से दूर रहकर,

हम मिल-जुलकर रहते हैं।

 

माता-पिता का करके आदर,

सदा बड़ो का कहना सुनकर।

जीवन अपना सफल बनाकर,

देश का नाम हम करते हैं।

 

आम की टोकरी

Hindi Poem For Class 1

Hindi Poem For Class 1

 

छह साल की छोकरी,

भरकर लाई टोकरी।

टोकरी में आम हैं,

नहीं बताती दाम हैं।

 

दिखा-दिखाकर टोकरी,

हमें बुलाती छोकरी।

हमको देती आम है,

नहीं बुलाती नाम है।

 

नाम नहीं अब पूछना

हमें आम है चूसना।

 

बन्दर मामा की पिकनिक

Hindi Poem For Class 1

 

बन्दर मामा बन्दर मामा,

पहने कुर्ता और पजामा।

गए मनाने थे पिकनिक,

हुई रास्ते में झिकझिक।

 

कालू कुत्ता सोया था,

सपनों में वह खोया था।

मामा का जब पैर पड़ा,

कुत्ता फौरन हुआ खड़ा।

 

खूब दूर-दूर तक दौड़ाया,

मामा का सिर चकराया।

कुत्ता बोला भौं भौं भौं,

मामा बोले खौं खौं खौं।

-सृष्टि पाण्डेय

 

माँ

Poem On Mother In Hindi For Class 1

 

प्यारी जग से न्यारी माँ,

खुशियां देती सारी माँ।

 

चलना हमे सिखाती माँ,

मंजिल हमे दिखाती माँ।

 

सबसे मीठे बोल है माँ,

दुनिया में अनमोल है माँ।

 

खाना हमें खिलाती है माँ,

लोरी गाकर सुलाती है माँ।

 

प्यारी जग से न्यारी माँ।

खुशियाँ देती सारी माँ।

-साक्षी पत्रवाणी

 

चूहे राजा

Hindi Poem For Class 1

 

चूहे राजा, चुहिया रानी,

खाते बिस्कुट, पीते पानी।

 

चूहे जी बीमार है,

कसकर उन्हें बुखार है।

 

चूहे भैया तड़प रहे हैं,

कड़वी गोली गटक रहे हैं।

-सृष्टि पाण्डेय

 

आलू कचालू बेटा

Hindi Rhymes For Class 1

 

आलू कचालू बेटा कहाँ गए थे,

बन्दर की झोपडी में सो रहे थे।

 

बन्दर ने लात मारी रो रहे थे,

मम्मी ने प्यार किया हंस रहे थे।

 

पापा ने पैसे दिए नाच रहे थे,

भैया ने लड्डू दिए खा रहे थे।

 

मेरी बिल्ली रानी है

Hindi Kavita For Class 1

 

मेरी बिल्ली रानी है,

लेकिन बड़ी सयानी है।

 

दिन भर घर में घूमती है,

चूहों को भी मार भगाती है।

 

मम्मी जब दूध रखती है,

झटपट आकर पीती है।

 

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आम है फलों का राजा

 Hindi Poems For Class 1 For Competition

 

आम है फलों का राजा,

उसको खाते सब कोई ताजा।

पापा जब भी बाजार जाते,

ढेर सारे आम लाते।

 

आम फल का राजा हैं,

मैं पापा का राजा हूं।

छोटा सा हूं, मोटा सा हूं,

गोदी में सबके खेलता हूं।

 

नानी मेरी नानी

Hindi Poem For Class 1

 

नानी मेरी नानी,

सारे जग से सयानी।

रोज सुनाती कहानी,

कभी राजा कभी रानी।

 

उनको याद जुबानी।

जब भी कोई तंग करता,

डांट लगाती पुरानी।

 

झूला

Hindi Poem For 1st Class

 

अम्मा आज लगा दे झूला,

इस झूले पर मैं झूलूँगा।

इस पर चढ़कर, ऊपर बढ़कर,

आसमान को मैं छू लूँगा।

 

झूला झूल रही है डाली,

झूल रहा है पत्ता-पत्ता।

इस झूले पर बड़ा मज़ा है,

चल दिल्ली, ले चल कलकत्ता।

 

झूल रही नीचे की धरती,

उड़ चल, उड़ चल,

उड़ चल, उड़ चल।

बरस रहा है रिमझिम, रिमझिम,

उड़कर मैं लूटूँ दल-बादल।

 

बिल्ली मौसी

Hindi Poem For 1st Class

 

बिल्ली मौसी रोज आती,

नहीं किसी से ये डरती।

गुड़िया बोली बिल्ली मौसी,

दिखती हो शेरनी जैसी।

 

म्याऊँ -म्याऊँ कर आती हो,

सबको खुब सताती हो।

रोज खा जाती दूध मलाई,

कभी न हो पाती तेरी पिटाई।

 

मेरे घर दावत में आना,

दौड़ दौड़ कर चूहे खाना।

बिल्ली बोली म्याऊँ-म्याऊँ,

गुड़िया रानी मैं रोज आऊँ।

 

तुम मुझे कुछ न कहना,

मुझे अब तेरे साथ है रहना।

हम दोनों साथ साथ रहेंगे,

नाच नाच कर खेल खेलेंगे।

-सुशीला साहु

 

चिड़िया रानी उड़ती फुर्र      

Short Hindi Poem For Class 1

 

फुर्र-फुर्र वह उड़ती,

जाती कितनी दूर।

नन्हे से हैं पंख,

पर ताकत भरपूर।

 

फुर्र-फुर्र वह उड़ती,

इधर-उधर वह मुड़ती।

तैर हवा में जाती,

बैठे-बैठे गाती।

 

फिर से वह उड़ जाती

दूर बहुत है जाती।

-प्रयाग शुक्ल

 

चुनमुन मैना

Easy Hindi Poem For Class 1

 

बड़े सवेरे सूरज के संग,

नीम पेड़ पर आकर बैठी।

टहनी-टहनी चहक-चहककर,

उड़ती-फिरती ऐंठी-ऐंठी।

 

घर आंगन और चौबारे पर,

चुनमुन मैना दाने चुगती।

और कभी नानी मां के संग,

हर पल नई कहानी बुनती।

 

कितने सारे गीत सुनाती,

फुदक-फुदककर मैना रानी।

सरगम के सातों सुर गाती,

सा रे गा मा पा धानी।

 

सांझ ढले फिर सूरज के संग,

लौट घोंसले में वह जाती।

कल आने का वादा करके,

सपने सलोने दे जाती।

-आभा श्रीवास्तव

 

ऊंट आया

Short Hindi Poems For Class 1

 

देखो देखो ऊंट आया,

ऊंट आया ऊंट आया,

लम्बा चौड़ा ऊंट आया।।

 

आंखे उनकी छोटी है,

है छोटे से कान भी।

पूंछ उनकी छोटी है,

है छोटी सी नाक भी।।

 

गर्दन उसकी लम्बी है,

लम्बी उनकी टांग भी।

पीठ उनकी ऊंची है,

ऊंचा है भाई नाम भी।।

 

रेत में दौड़ लगाते हैं,

अपनी चाल दिखाते हैं।

जहाज तभी तो प्यारे,

रेगिस्तान में बन जाते हैं।।

 

जादू उनकी पीठ में हैं,

जल भर कर ढो जाती है।

जब भी प्यास लगती है,

झट से प्यास बुझाती है।।

 

तभी तो प्यारा ऊंट,

सबके मन को भाता है।

बहुत भारी वजन यूं ही,

ढो-ढो कर वह जाता है।।

-संतोष कुमार

 

मेंढकी रानी

Hindi Poem Recitation For Class 1

 

दुल्हन बनी मेंढकी रानी,

दूल्हा मेंढक राजा।

गड़गड़-गड़गड़ बादल जी ने,

खूब बजाया बाजा।

 

तड़तड़- तड़तड़ बिजली चमकी,

भागा दूल्हा राजा।

कूदा, उछला कुएं मे जाकर,

बोला दुल्हन आजा।

 

बोली दुल्हन मटक-मटककर,

डरो न दूल्हे राजा।

चलो घूमने कुएं से बाहर,

सैर करेंगे आजा।

 

दुनिया बड़ी बहुत सुंदर है,

ओ-मेरे दूल्हे राजा।

देखेंगे कम्प्यूटर पिक्चर,

हवा खायेंगे ताजा।

 

दुनिया बदली हम बदलेंगे,

पियेंगे लस्सी माजा।

नहीं बनेंगे कुएं मेंढक

तू ही बाहर आजा।

 

निकला कुँए से बाहर मेंढक ,

नाचे रानी राजा।

-डॉ. सुधा गुप्ता

 

कौआ और लोमड़ी

Hindi Poem For Kids Class 1

 

कौआ रोटी कहीं से लाया,

रखकर मुंह में वह हर्षाया।

तभी आ गई वहाँ लोमड़ी,

मन उसका भी था ललचाया।

 

कहे लोमड़ी कौआ भइया,

कूक राग के तुम्हीं गवैया।

कोई नया राग तुम छेड़ो,

नाचेंगे हम ता ता थैय्या।

 

बातों में फिर कौआ आया,

कोयल बनने को ललचाया।

चोंच खोलते रोटी गिर गयी,

जिसे लोमड़ी ने चट खाया।

 

ठग जाने ठग ही की भाषा,

लेकिन कौआ समझ न पाया।

एक बार जब अवसर आया,

बुद्धिमान ने धोखा खाया।

-डॉ. प्रदीप चित्रांशी

 

तितली

1st Standard Poem In Hindi

 

रंग-बिरंगी प्यारी तितली,

पंख हिलाती आती तितली।

 

हाथ किसी के लगे न तितली,

फुर्र फुर्र उड़ जाती तितली।

 

पंख हिलाती आती तितली,

हाथ किसी के लगे न तितली।

 

पाठ पढ़ाओ चिड़िया

Class 1 Poem Hindi Kavita

मेरे आंगन आओ चिड़िया,

मीठे गान सुनाओ चिड़िया।

खीर बनाई है अम्मा ने,

तुम भी आकर खाओ चिड़िया।

 

फुदक-फुदक कर टहनी टहनी,

अपना नाच दिखाओ चिड़िया।

धरा कटोरी में है पानी,

अपनी प्यास बुझाओ चिड़िया।

 

पंख नहीं है मेरे फिर भी,

उड़ना मुझे सिखाओ चिड़िया।

संग सहेली अपनी आकर,

सब का जी बहलाओ चिड़िया।

 

मिलजुल कर सब को रहना है,

ऐसा पाठ पढ़ाओ चिड़िया।

-राजेन्द्र निशेश

 

बालगीत

Hindi Rhymes For Class 1

 

गाँव में एक मदारी आया,

संग अपने बंदर वो लाया।

बंदर ने नाच तमाशा दिखाया,

उछल-कूद कर सबको हँसाया।

 

इधर-उधर, चहका फुदका,

कभी सीधा खड़ा कभी लुड़का।

सबके मन को खूब भाया,

मदारी संग ऐसा बंदर लाया।

-वैष्णवी मोहन

 

दादी मां

Short Hindi Poems For Class 1

 

दादी बोली आओ बच्चों,

तुमको गीत सुनाती हूं।

परियों वाली बातें कहकर,

तुम सबका मन बहलाती हूं।

 

इंद्र की नगरी सुंदर नगरी,

रहती उधर पे अप्सराएं।

चांद और तारे फीके लगते,

इतनी तेज वो जगमगाएं।

 

गीत वो गातीं नाचा करतीं,

तुमको उनकी बात बताती हूं।

दादी बोली आओ बच्चों,

तुमको गीत सुनाती हूं।

 

चंदा मामा की नगरी में,

टिमटिम तारे करते हैं।

सूरज आता वह छुप जाते,

आंख मिचौली करते हैं।

 

इधर-उधर वह घूमे क्यों,

तुमको सब राज बताती हूं।

दादी बोली आओ बच्चों,

तुमको गीत सुनाती हूं।

 

जादू वाली उस नगरी में,

एक जादूगर भी रहता है।

कौन कहां पर क्या-क्या करता,

वह सब देखा करता है।

 

अजब-गजब हैं उसके किस्से,

कुछ किस्से तुम्हें सुनाती हूं।

दादी बोली आओ बच्चों,

तुमको गीत सुनाती हूं।

-डॉ. वर्षा चौबे

 

गणतन्त्र दिवस

Hindi Recitation Poems For Class 1 With Lyrics

 

जीने का हो एक मन्त्र,

राष्ट्र हमारा रहे स्वतन्त्र।

 

गणतन्त्र दिवस को पहचानें,

महत्ता इसकी हम जानें,

याद करें कुर्बानी को,

देश हित मिटी जवानी को,

अमर रहे ये गणतन्त्र।।

 

हर वर्ष मनायें ऐसे पर्व,

करें निरन्तर जिसपे गर्व,

घर-घर हर बच्चा हर्षाये,

पुलकित होकर पर्व मनायें।

सफल तभी हो जनतन्त्र।।

 

राष्ट्र ध्वज को फहरायें,

नील गगन में लहरायें,

नमन करें शहीदों को,

रखें दूर विवादों को।

सच्चा होगा लोकतन्त्र।।

 

मिल सभी जन काम करें,

आजादी हित त्याग करें,

जन-जन की भागीदारी हो,

सबकी जिम्मेदारी हो।

राम राज्य हो प्रजातन्त्र।।

-मोती ‘विमल’

 

समय

First Class Poem In Hindi

 

बच्चो! समय पर दो तुम ध्यान।

समय की करो सदा पहचान।

समय पर पढ़ना, समय पर खेलना।

समय का दुरुपयोग कभी मत करना।

 

जैसे घड़ी का काम है समय दिखलाना।

वैसे तुम्हारा काम है समय का महत्व करना।

अगर समय का सदुपयोग किए तुम एक समान।

तो दुनिया में बन जाओगे महान।

-संदीप कुमार

 

गौरैया

1st Standard Poem In Hindi

 

आंगन में बैठी गौरैया,

फुदक-फुदक करती ता-थैया।

पांव दबाकर धीरे-धीरे,

गया पकड़ने छिपकर भैया।।

 

जैसे ही वह पास में आया,

और पकड़ने हाथ बढ़ाया।

चकमा देकर फुर्र हो गई,

बहुत-बहुत भैया पछताया।।

-अजय अनुरागी

 

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हाथी का पाजामा

Hindi Recitation Poems For Class 1 With Lyrics

 

हाथी ने अपनी शादी में,

पाजामा सिलवाया

नाप लिया बंदर मामा ने,

उन्हें पसीना आया।

 

बोला-इसमें लग जाएंगे,

‌ पूरे दो थान।

हाथी बोला एक थान में,

मामा जाओ मान।

 

बंदर बोला, नहीं-नहीं फिर,

पाजामा सिलवाओ।

उसे पहनकर धूमधाम से,

ब्याह रचाने जाओ।

-नवीन चतुर्वेदी

 

बंदर समझा

Easy Hindi Poem For Class 1

 

लड़े एक दिन बड़े जोर से,

बंदर और बंदरिया।

रूठा बंदर भागा घर से,

बिना कहे चुपचाप।

 

बैठ रेल में पहुंचा दिल्ली,

समझन पाया बात।

भाग-भागकर लोग सभी थे,

बस-ऑटो में चढ़ते।

 

और गाड़ियां दौड़ रही थीं,

इधर-उधर सरपट से।

समझा बंदर ने आफत कोई,

दिल्ली में है आई।

 

भागा बंदर भी झट घर को,

आपस की भूल लड़ाई।

-दिनेश लखेड़ा

 

सर्दी की धूप

class 1 Poem In Hindi

 

सर्दी की उजली,

गुनगुनी धानी धूप।

मां के आंचल-सी,

लगती सुहानी धूप।

 

कुरमुरी- कुरमुरी,

खाता मुंगफली-सी।

लगती है नमकीन,

पूड़ी-पानी धूप।

 

मीठी-मनभाती,

निदिरा-सी, लोरी-सी।

नानी के मुख से,

सुनी कहानी धूप।

 

जीवन हो सबका,

उजला जैसे दरपना।

खुश हो कहती है,

सबको सयानी धूपान।

-डॉ. रामनिवास

 

हे माता

Hindi Kavita For Class 1

 

हे माता सरस्वती,

दे दो हमको थोड़ा ज्ञान।

 

कभी थकें न कभी रुकें न,

भले बुरे का रख लें ध्यान।

 

इधर उधर की बाधा हर लो,

जहाँ जायें, पाएँ सम्मान।

 

पढ़ लिख कर हो जाएँ बड़े,

हो सबको हम पर अभिमान।

 

हे माता सरस्वती,

दे दो हमको थोड़ा ज्ञान।

-सुहानी यादव

 

अभिलाषाएँ

Cbse Class 1 Hindi Poems First Class Ki Poem

 

बादल की अभिलाषा

मैं तो बनना चाहूँ बादल,

जमकर जल बरसाऊँ।

धरती पर हरियाली पाकर,

झुमूं, नाचूं और गाएं।

 

पुष्प की अभिलाषा

पुष्प अगर बन जाऊँ ईश्वर,

यह मेरी अभिलाषा।

बिछ जाऊं मैं उन कदमों,

बने जो निर्बल की आशा।

 

पुत्र की अभिलाषा

मात-पिता की सेवा में,

जीवन बिताऊँ अपना।

आज्ञाकारी बनकर रहूँ,

यही है मेरा सपना।

 

सैंनिक की अभिलाषा

सीमाओं की रक्षा करकें,

अपना फर्ज निभाऊँ।

मातृभूमि की सेवा करकें

देशभक्त कहलाऊँ।

-इंद्रजीत कौशिक

 

पाठ पढ़ाओ चिड़िया

Hindi Rhymes For Class 1

 

मेरे आंगन आओ चिड़िया,

मीठे गान सुनाओ चिड़िया।

 

खीर बनाई है अम्मा ने,

तुम भी आकर खाओ चिड़िया।

 

फुदक-फुदक कर टहनी टहनी,

अपना नाच दिखाओ चिड़िया।

 

धरा कटोरी में है पानी,

अपनी प्यास बुझाओ चिड़िया।

 

पंख नहीं है मेरे फिर भी,

उड़ना मुझे सिखाओ चिड़िया।

 

संग सहेली अपनी आकर,

सब का जी बहलाओ चिड़िया।

 

मिलजुल कर सब को रहना है,

ऐसा पाठ पढ़ाओ चिड़िया।

-राजेन्द्र निशेश

 

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कुहू कुहू

Hindi Poems For Class 1

 

कुहू कुहू कोयल है गाती,

सबको मीठे राग सुनाती।

 

कौआ कहता कांव-कांव,

तुम भी आना मेरे गांव।

 

कहे कबूतर गुटुर-गुटुर गूं,

चलो खेलते, छुपा-छुपा छू।

 

टांय-टांय तोता कहता है,

लाल-हरी मिर्ची खाता है।

 

ची-ची-ची चिड़िया है चहकी,

सुबह हो गई सबको कहती।

-सेवती चक्रधारी

 

बारहखड़ी

Hindi Poem For Class 1

 

अ से अनार, आ से आम

बच्चो जग में करो नाम।

 

इ से इमली, ई से ईख

बड़ों से मिलती है सीख।

 

उ से उल्लू, ऊ से ऊन

रात को चमकते मामा मून।

 

ऋ से तो होता है ऋषि

भारत के लोग करते कृषि।

 

ए से एड़ी, ऐ से ऐनक

दादा जी से घर में रौनक।

 

ओ से ओखली, औ से औरत

छोटे-बड़ों से करो मोहब्बत।

 

अं से अंगूर, अः से खाली

सीख गए तो बजाओ ताली।

-मो. जमील

 

दवाई खाती

Hindi Rhymes For Class 1

 

बिल्लो नहीं दवाई खाती,

कैसे होगी ठीक।

सारे दिन आती रहती है,

जोर-जोर से छींक।

 

बंदरिया उसको समझाती,

डांटा करती हैै।

पर बंदरिया से भी बिल्लो,

जरा न डरती है।

 

टिकटिक

Hindi Rhymes For Class 1

 

बिना पांव के यह चलती है,

पर रहती है सदा खड़ी।

टिकटिक टिकटिक टिकटिक,

समय बताती घड़ी घड़ी।

 

चमक उठा

Short Hindi Poems For Class 1

 

चमका एक, अनेक चमकते,

चमक उठा आकाश।

खूब बड़े से चंदा मामा,

चमके सबके पासा।

-डा. श्रीप्रसाद

 

कोयल

Hindi Rhymes For Class 1

 

काली कोयल बोल रही है,

डाल-डाल पर डोल रही है।

कुहू कुहू का गीत सुनाती,

कभी नही मेरे घर आती।

 

आमों कि डाली पर गाती,

बच्चों के दिल को बहलाती।

कूक-कूक कर किसे बुलाती,

क्या अम्मा की याद सताती?

 

यदि हम भी कोयल बन जाते,

उड़ते फिरते, गीत सुनाते।

-पुष्पा शुक्ला

 

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महात्मा गांधी डॉ भीमराव अंबेडकर सरदार वल्लभ भाई पटेल
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रक्षाबंधन दादा-दादी तोता
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झरना चूहा मधुमक्खी
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