Top 31+ Best Hindi Poems For Class 6 | हिंदी कविता कक्षा 6 के लिए

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Today in this post we are sharing easy to learn Best 31+ Hindi Poems For Class 6 and 6 Class Hindi Poem. these poems is children can easily understand and easily learn it.

आज के लेख में कक्षा 6 के लिए सबसे अच्छी कविता साझा कर रहा हूँ जो साधारण भाषा में अद्भुत और दिलचस्प है। यह कविता पढ़ने में बहुत ही आकर्षक है। इन कविताओं की सबसे अच्छी बात यह है कि बच्चे इसे आसानी से समझ सकते हैं और साथ ही साथ आसानी से इस कविता को याद भी कर सकते हैं।

यहां पर हिंदी में सुंदर कविताओं का एक विशाल संग्रह प्रस्तुत किया गया है। कक्षा 6 के लिए कविताएं बच्चों को प्राकृतिक सुंदरता और परिवेश की कला सिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कविता के अंदर आमतौर पर अपने अपने विचार होते हैं। जों कविता यहां पर प्रस्तुत किया गया है, वह प्राकृतिक सुंदरता और हमारे आस-पास के वातावरण की सराहना करने में मदद करती हैं।

 

Hindi Poems For Class 6

 

 

ध्वनि

Hindi Poems For Class 6

 

अभी न होगा मेरा अंत

अभी-अभी ही तो आया है

मेरे वन में मृदुल वसंत-

अभी न होगा मेरा अंत।

 

हरे-हरे ये पात,

डालियाँ, कलियाँ, कोमल गात।

 

मैं ही अपना स्वप्न-मृदुल-कर

फेरूँगा निद्रित कलियों पर

जगा एक प्रत्यूष मनोहर।

 

पुष्प-पुष्प से तंद्रालस लालसा खींच लूँगा मैं,

अपने नव जीवन का अमृत सहर्ष सींच दूँगा मैं,

द्वार दिखा दूँगा फिर उनको।

 

हैं मेरे वे जहाँ अनंत-

अभी न होगा मेरा अंत।

-सूर्यकांत त्रिपाठी

गुड़िया

Hindi Poems For Class 6

 

मेले से लाया हूँ इसको

छोटी सी प्यारी गुड़िया,

बेच रही थी इसे भीड़ में

बैठी नुक्कड़ पर बुढ़िया।

 

मोल-भाव करके लाया हूँ

ठोक-बजाकर देख लिया,

आँखें खोल मुँद सकती है

वह कहती है पिया-पिया।

 

जड़ी सितारों से है इसकी

चुनरी लाल रंग वाली,

बड़ी भली हैं इसकी आँखें

मतवाली काली-काली।

 

ऊपर से है बड़ी सलोनी

अंदर गुदड़ी है तो क्या?

ओ गुड़िया तू इस पल मेरे

शिशुमन पर विजयी माया।

 

रखूंगा मैं तुझे खिलौनों की

अपनी अलमारी में,

कागज़ के फूलों की नन्हीं

रंगारंग फुलवारी में।

 

नये-नये कपड़े-गहनों से

तुझको रोज़ सजाऊँगा,

खेल-खिलौनों की दुनिया में

तुझको परी बनाऊँगा।

-कुवर नारायण

दीवानों की हस्ती

Hindi Poems For Class 6

 

हम दीवानों की क्या हस्ती,

हैं आज यहाँ, कल वहाँ चले,

मस्ती का आलम साथ चला,

हम धूल उड़ाते जहाँ चले।

 

आए बनकर उल्लास अभी,

आँसु बनकर बह चले अभी,

सब कहते ही रह गए, अरे,

तुम कैसे आए, कहाँ चले?

 

किस ओर चले? यह मत पूछो,

चलना है, बस इसलिए चले,

जग से उसका कुछ लिए चले,

जग को अपना कुछ दिए चले,

 

दो बात कही, दो बात सुनी;

कुछ हँसे और फिर कुछ रोए।

छककर सुख-दूख के घूँटों को

हम एक भाव से पिए चले।

 

हम भिखमंगों की दुनिया में,

स्वच्छंद लुटाकर प्यार चले

हम एक निसानी-सी उर पर,

ले असफलता का भार चले।

 

अब अपना और पराया क्या?

आबाद रहें रुकने वाले।

हम स्वयं बँधे थे और स्वयं

हम अपने बंधन तोड़ चले।

-भगवतीचरण वर्मा

ओस

Hindi Poems For Class 6

 

हरी घास पर बिखेर दी हैं

ये किसने मोती की लड़ियाँ?

कौन रात में गूंथ गया है

ये उज्ज्वल हीरों की कड़ियाँ?

 

जुगनू से जगमग जगमग ये

कौन चमकते हैं यों चमचम?

नभ के नन्हें तारों से ये

कौन दमकते हैं यों दमदम?

 

लुटा गया है कौन जौहरी

अपने घर का भरा खज़ाना?

पत्तों पर, फूलों पर, पग पग

बिखरे हुए रतन हैं नाना।

 

बड़ सबेरे मना रहा है

कौन खुशी में यह दीवाली?

वन उपवन में जला दी है

किसने दीपावली निराली?

 

जी होता, इन ओस कणों को

अंजलि में भर घर ले आऊँ?

इनकी शोभा निरख निरख कर

इन पर कविता

एक बनाऊँ।

-सोहनलाल द्विवेदी

उठ किसान ओ

Short Hindi Poems For Class 6

 

उठ किसान ओ, उठ किसान ओ,

बादल घिर आए हैं

तेरे हरे-भरे सावन के

साथी ये आए हैं।

 

आसमान भर गया देख तो

इधर देख तो, उधर देख तो

नाच रहे हैं उमड़-घुमड़ कर

काले बादल तनिक देख तो

तेरे प्राणों में भरने को

नये राग लाए हैं

यह संदेशा लेकर आई

सरस मधुर, शीतल पुरवाई

तेरे लिए, अकेले तेरे।

लिए, कहाँ से चल कर आई

फिर वे परदेसी पाहुन, सुन,

तेरे घर आए हैं।

 

उड़ने वाले काले जलधर

नाच-नाच कर गरज-गरज कर

ओढ़ फुहारों की सित चादर

देख उतरते हैं धरती पर।

 

छिपे खेत में, आँखमिचौनी

सी करते आए हैं।

हरा खेत जब लहराएगा

हरी पताका फहराएगा

छिपा हुआ बादल तब उसमें

रूप बदल कर मुसकाएगा

तेरे सपनों के ये मीठे

गीत आज छाए हैं

-त्रिलोचन

आषाढ़ का पहला दिन

Hindi Poems For Class 6

 

हवा का जोर वर्षा की झड़ी,

झाड़ों का गिर पड़ना।

कहीं गरजन का जाकर दूर,

सिर के पास फिर पड़ना।

उमड़ती नदी का खेती की,

छाती तक लहर उठना।

ध्वजा की तरह बिजली का,

दिशाओं में फहर उठना।

ये वर्षा के अनोखे दृश्य,

जिसको प्राण से प्यारे।

जो चातक की तरह तकता है,

बादल घने कजरारें।

जो भूखा रहकर,

धरती चीरकर जग को खिलाता है।

जो पानी वक्त पर आए,

नहीं तो तिलमिलाता हैं।

अगर आषाढ के पहले दिवस के

प्रथम इस क्षण में।

वही हलधर अधिक आता है,

कालिदास से मन में

तो मुझको क्षमा कर देना।

-भवानी प्रसाद मिश्र

फ़र्श पर

Hindi Poems For Class 6

चिडिया आती है

डाल जाती तिनके फ़र्श पर

हवा आती है।

बिखेर जाती धूल फ़र्श पर

सूरज आता है।

सजा जाता चिंदियाँ फ़र्श पर

मुन्ना आता है।

उलट देता कटोरी फ़र्श पर

मम्मी आती हैं।

बीनतीं दाल-चावल फ़र्श पर

पापा आते हैं।

उतार देते जूते फ़र्श पर

महरी आती है।

समेट लेती है सब कुछ

‘अपने बिवाई पड़े हाथों में

और इस तरह लिखती है हर रोज़

एक कविता फ़र्श पर।

-निर्मला गग्ग

फूल खिलाओ

Hindi Poems For Class 6

हँसते गाते समय बिताओ,

खुशियों के पल हरदम पाओ।

जीवन को समझो इक खेला,

इसे झमेला मत बतलाओ।

कल आएगा सुखद सवेरा,

गीत ख़ुशी के मिल के गाओ।

कोयल कुहू कुहू गाएगी,

उसको सुन्दर तुम बतलाओ।

बगिया में आएगी तितली,

उस संग मिल के ख़ुशी मनाओ।

जीवन के हर कठिन समय को,

मिल-जुल के सब सरल बनाओ।

तुम अपने मन की बगिया में,

शुभ विचार के फूल खिलाओ।

-महेंद्र कुमार वर्मा

माथे का चंदन

Hindi Poems For Class 6

रज-कण है माथे का चंदन,

ये भूमि है रत्नों की खान।

जन-जन करते माँ का वंदन,

चेहरे पर रखते हैं मुस्कान।

मिलजुल कर बढ़ाना है हमें,

अपनी मातृभूमि का मान।

इसके सम्मान के खातिर,

चाहे चली जाए जान।

आँच न आने देंगे कभी,

बढ़ाएँगे सदा इसकी शान।

निज सुख का त्याग करे,

देश है स्वर्ग से भी महान।

देश सेवा सबसे बड़ा धर्म,

बढ़ती रहे इसकी आन-बान।

विश्व में इसका परचम लहराए,

गाए सभी गौरव गान।

-अनिता चन्द्राकर

नववर्ष मनाएँ

Hindi Poems For Class 6

नववर्ष सबके लिए बहार बन के आए,

साथ खुशियों का उपहार लेके आए।

सबका जीवन हो जगमग-जगमग,

नववर्ष सबके लिए संस्कार लेके आए।

इस नववर्ष सब गिले-शिकवे मिट जाएँ,

सब मिलकर सुंदर शुभ नववर्ष मनाएँ।

मन का अँधियारा चलो मिटाएँ,

हर्ष, उल्लास से नववर्ष मनाएँ।

नई उमंग नव एहसास जगाएँ,

आरस्य तज नव ऊर्जा संचार लाएँ।

सबको हिलमिल गले लगाएँ,

चलो खुशियों का नववर्ष मनाएँ।

-महेन्द्र साहू

आजादी

Hindi Poems For Class 8

सोने के इस चिड़िया को,

अंग्रेजों ने जब देखा।

हुए लालायित पाने को,

जाल गुलामी का फेंका।

देश हमारा, सबसे प्यारा,

सोने की थी चिड़िया।

अग्रेजों ने गुलामी की,

जंजीरों में जकड़ लिया।

गुलामी के जंजीरों में,

जकड़ा हुआ था जब भारत।

आजादी के लिए लड़ाई,

चलती रही तब अनवरत।

अग्रेजों ने किसानों पर,

गजब जुल्म थे ढाये।

अन्न उगाते अन्नदाता,

पर हाथ नहीं कुछ आये।

अनाचार देख अंग्रेजों का,

वीरों का खुन खौला।

एकजूट होकर वीरों ने,

अंग्रेज़ों पे हल्ला बोला।

देख भारतीयों की एकता,

अंग्रेज फिर घबराये।

फुट डालो और शासन करो,

की नीति तब अपनाये‌।

जब तक रहे अंग्रेज वतन पर,

शोषण और अत्याचार किए।

देकर अपनी जान वीरों ने,

देश को अपनी आजाद किए।

-प्रीतम कुमार साहू

किस्मत के भरोसे मत बैठो

Hindi Poems For Class 6

जीवन पथ पर लड़ सकते हो,

आगे तुम भी बढ़ सकते हो।

त्याग दो आलस का दामन,

किस्मत के भरोसे मत बैठो।

मिला नहीं उसे ला सकते हो,

श्रम कर आागे बढ़ सकते हो।

जो चाहो तुम पा सकते हो,

किस्मत के भरोसे मत बैठो।

रगों में साहस भर सकते हो,

मुसीबतों से लड़ सकते हो।

दौड़ नहीं तो चल सकते हो,

किस्मत के भरोसे मत बैठो।

सूरज सा निकल सकते हो,

लक्ष्य हासिल कर सकते हो।

इतिहास नया तुम गढ़ सकते हो

किस्मत के भरोसे मत बैठो।

-प्रीतम कुमार साहू

मुझे यकीन है कि यह लेख Best 31+ Hindi Poems For Class 6 आपको जरूर पसंद आया होगा। कविता के प्रति स्नेह विकसित करने में बच्चों को जरूर मददगार साबित हुआ होगा। साथ ही साथ बच्चों की मानसिकता बदलने में मदद हुआ हो। कहा जाता है कि कविता बच्चों को सरल शब्दों में विचारों और भावनाओं को सीखने का बुनियादी तरीका है जो एक नई नई लय में बुने जाते हैं और बाद में गहरे अर्थ प्रकट करते हैं। यहां तक इन सभी कविताओं को पढ़ने तक में आप सभी को धन्यवाद करता हूं।

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