Top 33+ Best Poem On Holi In Hindi | होली पर्व पर सुंदर कविता

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होली का त्योहार सबके लिए खुशियां और उमंग लेकर आता है. होली के दिन सभी आपसी बैर को भुला कर एक-दूसरे के गले मिलते हैं. बच्चों में एक अलग ही उत्साह और उमंग की लहर दौड़ती है. इस पर्व को मनाने के पारंपरिक महत्व भी है, इस खास मौके पर हम आपके लिए Top 33+ Best Poem On Holi In Hindi – होली पर्व पर सुंदर कविता लेकर आएं हुए हैं।

होली आयी, होली आयी

Poem On Holi In Hindi

होली आयी, होली आयी,

रंग-बिरंगी होली आयी।

धूम मचाती होली आयी,

घर-घर में खुशियां लायी।

बच्चों की यह टोली आयी,

हाथ में पिचकारी लायी।

रंग-गुलाल उड़ाती आयी,

होली आयी, होली आयी।

बुरा न मानो होली

Poem On Holi

होली में बंदर जी,

पहुँच गये ससुराल।

बंदरिया नहीं मिली,

गई थी वह ननिहाल।।

बंदरिया के न मिलने से,

बंदर हुए बेहाल।

उछले-कूदे चिल्लाये,

चेहरा हो गया लाल।।

बंदर जी गुस्से में,

खा गये भांग की गोली।

हंसते-गाते रंग उड़ाते,

करने लगे ठिठोली।।

दौड़ी-दौड़ी आयी बंदरिया,

बड़े प्रेम से बोली।

आओ रंग-गुलाल उड़ायें,

बुरा न मानो होली।।

-डॉ. अरुणेन्द्र चन्द्र त्रिपाठी

होली आई

Poem On Holi

भू पर छाई, नभ पर छाई,

होली आई, होली आई।

वन में होली, बाग में होली,

सरिता और तड़ाग में होली।

आपस में, अनुराग में होली,

देखो राग-विराग में होली।

सभी जगह हरियाली छाई,

होली आई, होली आई।

फूले फूल मंजरी गमकी,

रंगों से हर वी थी चमकी।

हो हो हल्ला मचा मोहल्ला,

उछल रहा मन दो दो तल्ला।

सभी यहाँ हैं, भाई-भाई,

होली आई, होली आई।

-पवन कुमार सिंह

होली

Poem On Holi In Hindi

खुशियों की सौगात लाती होली,

अतंत प्रेम का संचार करती होली।

घृणा द्वेष आपस का मिटाने को,

आत्मीयता की बौछार करती होली।

धरा पर छाई नीरसता को पल में,

सतरंगी उमंग में बदल देती होली।

जात-पात के वैमनस्य को भूलकर,

एक रंग में रंगना सिखाती होली।

अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर,

धर्म की विजयध्वजा फहराती होली।

अच्छाई को जीवन का ध्येय बनाएं,

मानवता का पाठ हमें पढ़ाती होली।

सबके जीवन में आए वसंत बहार,

यही गीत बारम्बार गुनगुनाती होली।

सारे दुःख-दर्द, क्लेश को बिसरा कर,

ढोल-नगाड़ा बजाना सिखाती होली।

न कोई छोटा-बड़ा, सभी एक समान,

यह पावन संदेश हमें सुनाती होली।

जीवन संघर्ष में तनिक न घबराना,

जग में नया रंग भरना बताती होली।

-कल्याणमय आनंद

होली का त्योहार

Poem On Holi

नई उमंगें भर रहा,

होली का त्योहार।

बाँछें बच्चों की खिली,

मन में रंग फुहार।।

गुझियां, पापड़ बन गए,

बने कई पकवान।

रसगुल्ला, चमचम बनीं,

सजी नई दूकान।।

मनभावन पिचकारियाँ,

मन में भरें तरंग।

रंगों में सब रँग रहे,

करें खेल हुड़दंग।।

भर गुब्बारे मारते,

नन्हें – मुन्ने बाल।

लगे निशाना प्रेम का,

पीटें हँस- हँस ताल।।

कोई गालों पर मले;

रंग, अबीर, गुलाल।

प्रेम, प्रीत में सब रँगे,

प्यारे बाल गुपाल।।

तन – मन भीगा रँग गए,

सब ही प्रियतम मीत।

रंगों के त्योहार में,

हुई सभी की जीत।।

गले मिले सब प्रेम से,

मलते प्रेम गुलाल।

मुख जोकर से सज गए,

होली हुई कमाल।।

गुझिया, रसगुल्ला उड़े,

खाई पूड़ी खीर।

खुशियों में सब रम गए,

बन गए आज अमीर।।

-डॉ राकेश चक्र

आई है प्यारी होली

Hindi Poem On Holi

प्यार सिखाने प्यार लुटाने,

आई है प्यारी होली।

मन से ईर्ष्या बैर निकालो,

द्वेष-भाव को कभी न पालो।

जाति-पांति का भेद मिटाने,

आई है फिर से होली।।

ढोल मजीरा खूब बजाते,

गली-गली हुडदंग मचाते।

शोर-शराबा, धमा-चौकड़ी,

लेकर आई है होली।

लिपे-पुते सबके घर आंगन,

रंग-बिरंगे सबके तन मन।

नेह-निमन्त्रण बांट-बांट कर,

हर घर में छाई होली।

बर्फी पेड़े, रंग-गुलाल,

गुझियों ने भी किया कमाल ।

रंग-बिरंगे परिधानों में,

सज कर आई है होली ।।

छोटे-बड़े गले मिलते हैं,

खुशियों के मेले लगते हैं।

भाई-चारा और एकता

का प्रतीक प्यारी होली।।

-मीनू सिंह

आई है भइया होली रे

Poem On Holi

हल्ला-गुल्ला शोर मचाती,

रंगों की बौछारें लाती,

आई है भइया होली रे।

आओ रामू आओ श्यामू

खूब मज़े से गाओ मिलकर।

रंग उड़ाओ गले लगाओ,

सबको तुम अपनाओ मिलकर।

वैर-द्वेष का भाव मिटाती,

खुशियों की सौगातें लाती,

आई है भइया होली रे।

कीचड़ मत फेंको तुम भाई,

अच्छे बच्चे तुम सारे हो,

नन्हें-मुन्ने थोड़े नटखट।

माँ की आँखों के तारे हो,

मीठे-मीठे सपन जगाती।

सब के मन को ये भा जाती,

आई है भइया होली रे।

-राजेंद्र निशेश

खुशियों का संसार होली

Poem On Holi In Hindi

रंगीला है त्यौहार होली,

खुशियों का संसार होली।

ऐसी सजी धजी आती है,

ज्यों फूलों की क्यार होली।

आयी धरती को पहनाने,

एकता के ले हार होली।

लिए पिचकारी और गुलाल,

सबको रही पुकार होली।

गरमी की आहट के साथ,

लेकर आयी प्यार होली।

फागुन की ये ऋतु सुहानी,

 मौसम का है शृंगार होली।

-गोविन्द भारद्वाज

रंगीला त्योहार

Holi Par Kavita In Hindi

होली है रंगीला त्योहार,

जिसमें हैं रंगों की फुहार।

रंग लगा गालों में खूब,

रंगों की कर दो बरसात।

बिखराओ सारे रंग सात,

रंग-बिरंगी पीली, नीली, हरी।

रंगों से भर लो पिचकारी,

रंगों के संग मस्तों की टोली।

मिल कर खूब खेलो होली,

छूटने न पाये ये होली के रंग।

चारों तरफ इंद्रधनुषी रंग,

भर देता जीवन में खुशियां।

होली के ये प्यारे-प्यारे रंग,

गाओ होली के सुंदर गीत।

दुश्मन को भी झट गले लगाना,

नहीं रखना दिल में कोई मलाल।

एक-दूजे को रंग दो ऐसे,

मिटे दूरियां दिल की सारी।

होली का सच्चा संदेश यही,

हो सर्वत्र प्रेम प्यार का रंग।

-पूनम गुप्ता

बच्चों की उमंग

Holi Par Poem In Hindi

होली है त्योहार हमारा,

इसमें है रंगों का भरमार।

साल में एक बार है आता,

आता तो खुशियां ले आता।

रिश्तों को मजबूत बनाता,

बच्चों पर उमंग है लाता।

पुआ-पकवान घर में है बनता,

सब खा कर खुश हो जाते।

और रंगों का मौज बनाते,

हरा, नीला, पीला और लाल।

रंग है भाते, खेलते-कूदते और गाते,

नये-नये कपड़े पहन कर,

होली का त्योहार मनाते।

-नीरज कुमार

होली आयी-होली आयी

Holi Festival Par Kavita In Hindi

होली आयी, होली आयी,

रंगों की रंगोली लायी।

रंग-पिचकारी बैलून लेकर,

दोस्तों की टोली आयी।

एक-दूजे को गुलाल लगाया,

बुजुर्गों से आशीर्वाद भी पाया।

सभी ने की ढेरों मस्ती,

अच्छे-अच्छे पकवान भी खाये।

होली का यह शुभ अवसर,

साल में एक बार आता है।

लेकिन अपने रंग-गुलाल से,

दुनिया को रंगीन बनाता है।

मन रंगों में खो जाता है,

होली आयी, होली आयी,

रंगों की रंगोली लायी।

-रिया कुमारी

सभी को हैप्पी होली

Poem On Holi Festival In Hindi

छायी सबके चेहरो पर उमंग,

होली में चढ़ता अनेकों रंग।

बाटेंगे यह सतरंगी प्यार सभी को,

करेंगे खूब मौजमस्ती दोस्तों के संग।

सबके गाल गुलाल से होंगे लाल,

खुशियों से भरा रहेगा यह साल।

बाटेंगे सभी को प्यार इतना,

कि रह न पाए हमें कोई मलाल।

चारों तरफ गूंजते कोयल की बोली,

द्वार पर सजते खूबसूरत रंगोली।

रंगों से भरी है सबकी झोली,

प्यार का अनोखा रंग लगाते हुए,

आप सभी को हैप्पी-हैप्पी होली।

-अंकित कुमार

रंगों की होली

Poem On Holi In Hindi

होली में हैं रंग सारे,

ले आओ पिचकारी,

ले आओ गुब्बारे।

छोटी-छोटी बातें हैं,

बड़ी-बड़ी खुशियां।

तुम जरा हंस लो आज,

जब हंसती है सारी दुनिया।

न बुरा सोचो किसी का,

न रखो किसी से ईर्ष्या।

इस बार करो कुछ ऐसा,

लगे हर रंग में छुपी है शिक्षा।

-राम वत्स

होली आयी

Holi Festival Par Kavita In Hindi

होली आयी होली आयी,

सबके मन को भाई रे।

आज न पढ़ने जाएंगे,

सबको रंग-गुलाल लगाएंगे।

बच्चे, बूढ़े और जवान,

सबके मुख पर है मुस्कान।

होली के दिन हैं अच्छे,

मिलजुल कर हम मौज मनाते,

मीठे-मीठे पकवान खाते।

-शालु कुमारी

खुशियां मनाओ

Poem On Holi Festival In Hindi

होली आयी, होली आयी,

ढेर सारी खुशियां लायी।

प्यार की बौछार आयी,

दोस्ती की सौगात लायी।

आयी रे आयी होली,

खत्म करो सब गिले-शिकवे।

लग जाओ एक-दूसरे के गले,

मिट गयी अब सारी लड़ाई।

आयी रे आयी, होली आयी,

रंग-गुलाल सबको लगाओ,

ढेर सारी खुशियां मनाओ।

-सोनाक्षी श्री

आया होली पर्व

Poem On Holi In Hindi

आया होली का पर्व,

इस पर सबको है गर्व।

होली खूब मनाना है,

रंगों से हमें नहाना है।

खुशियां लेकर आया होली,

सब मिल कर खेलेंगे होली।

आंख को रंगों से बचाना है,

इस होली का संदेश है भाई।

आपस में मत करो लड़ाई,

यह होली जब भी आये।

हम सबका दिल छू जाये,

दोस्तों की टोली मिलने आये।

पुए, गुलाल और रंग बरसाये,

यह पर्व हमारे मन को भाता।

घर खुशियों से भर जाता,

वर्षों की दुश्मनी हटाना है,

हमें मिल कर होली मनाना है।

-शुभम कुमार

होली आई

Poem On Holi In Hindi

होली आई है होली आई है,

सभी लोगों की खुशियाँ लाई है।

नाचों गाओं खुशी मनाओं,

होली आई हैं।

रगों का त्योहार है होली आई,

बच्चों की टोली है आई।

होली आई है।

आओ हम सब होली मनाएं,

मीठे-मीठे पकवान खाएँ।

होली आज मनाना है,

एक-दूसरे को रंग आज लगाना है।

बच्चों आओ, बच्चों आओं,

रंग लेकर दौड़े आओं।

होली आई, होली आई,

रगों को साथ लाई।

-सरमिला बाई

होली के रंगों के संग

Poem On Holi In Hindi

अन्तर्मन में उठी उमंग,

होली के रंगों के संग।

सूरज की किरणों ने नभ के,

गालों पर मल दिया गुलाल।

उपवन में खिलकर गुलाब की,

कली सुर्ख हो गयी लाल।

कमलदलों के साथ फैलती,

तालों में वो मस्त तरंग।

बौराए आमों के पत्ते,

पवन संग मिल गाते गीत।

सरसों की पीली चुनर ने,

मन अन्तर को लिया जीत।

धरती को श्रृंगारित करने,

दी है छेड़ प्रकृति ने जंग।

टेसू, हरसिंगार, गेंदे से,

भौंरे ने थोड़ा रंग माँगा।

सराबोर करने तितली को,

उसके पीछे-पीछे भागा।

लेकिन उसको कौन रंगेगा,

जन्मजात है उसका रंग।

कलरव करके पंछी कहते,

देखो फिर आया फागुन।

मोर नाचते मन्त्र-मुग्ध हो,

स्वागत में रुनझुन रुनझुन।

डाली-डाली कोयल कूके,

ज्यों पी ली हो उसने भंग।

डॉ. देशबन्धु

होली का मौसम

Poem On Holi In Hindi

सूरज बोला नीलगगन से,

धरती आज सजी कितनी है।

लाल, हरे, पीले रंगों से,

लगती स्वर्गलोक जितनी है।

खेतों में चूनर सी फैली,

पीली सरसों इठलाती है।

लाल गुलाबों की क्यारी भी,

मोहक खुशबू बिखराती है।

रंग बिरंगे रंग बिखरकर,

इन्द्रधनुष से बन जाते हैं।

रंग से खिले हुए चेहरों संग,

हृदयन्तर भी खिल जाते हैं।

नील गगन बोला सूरज से,

धरती पर फागुन आया है।

अपने संग में रंग बाँटता,

होली का मौसम लाया है।

होली खेल रहे हैं सब मिल,

चारो ओर खुशी छाई है।

मस्ती में चिल्लाती टोली,

खेलो रंग होली आई है।

यह सुन करके सूरज ने भी,

बिखराया ज्यों नेह गुलाल।

लाल रंग से भीग गया फिर,

नील गगन का हृदय विशाल।

डॉ. देशबन्धु ‘शाहजहाँपुरी’

होली है

Poem On Holi

होली है त्योहार प्यार का,

नफरत, बैर भुलाने का।

सबसे हँस-हँस कर मिलने का,

सबको गले लगाने का।

रंग-गुलाल लगाना तो,

आदर का एक तरीका है।

रंग डालने का भी अपना,

सुन्दर एक सलीका है।

इसी बहाने यह अवसर है

खाने और खिलाने का।

नाचें गाएँ खूब मगर,

हुड़दंग मचाना ठीक नहीं।

खेले नहीं संग जो, उसको,

व्यर्थ सताना ठीक नहीं।

होली का दिन रंगों की,

घर-घर अल्पना सजाने का।

होली है त्योहार प्यार का,

नफरत, बैर भुलाने को।

-बाबूलाल शर्मा 

पावन पर्व होली आयी

Poem On Holi In Hindi

संग अपने खुशियां लायी,

रंग गुलाल की धूम मची है।

पकवानों की थाल सजी है,

भेदभाव नफरत को छोड़।

स्नेह प्रेम से नाता जोड़,

अजब गजब का वेश बनाओ,

उमंग उल्लास का पर्व मनाओ।

-अंबुज नयन

हुडदंग करें

Poem On Holi In Hindi

होली का त्यौहार है आया,

मिलकर हम हुड़दंग करें।

बेरंग है जिनका भी जीवन,

उस जीवन में रंग भरें।।

अपने नन्हें से जीवन में,

भरे खुशी का दौर हो।

कभी दुःख को जाने न हम,

सदा सुख का भोर हो।।

चलो चलें हम छोटी को भी,

रंग लगाकर तंग करें।

दौड़ लगाकर उछले-कूदें,

जमकर शोर मचायें।।

झूला डाले बगिया में हम,

झूल – झूल मौज मनायें।

बगिया में है जो सन्नाटा,

आज उसे हम भंग करें।।

-प्रमोद सोनवानी

होली

Poem On Holi In Hindi

आओ मिलकर बात करें हम होली में,

रंगों की बरसात करें हम होली में।

धोएँ मन का मैल, हास-परिहास करें,

बिन मतलब दूसरों का न उपहास करें।

ज़ज्बातों का मान करें हम होली में।

आओ मिलकर बात करें हम होली में।

जुम्मन अलगू गले मिलें औ’ प्यार करें,

आपस में ना झगड़े, ना तकरार करें।

सद्भाव की लिखें इबादत हम होली में,

आओ मिलकर बात करें हम होली में।

अलग -अलग हों फूल, गंध अलग हों,

चाहे सब गीत, लय और छंद अलग हो।

भावों का बस, मिलाप करें हम होली में,

आओ मिलकर बात करें हम होली में।

-बलदाऊ राम साहू

खेलो आज होली है

Poem On Holi In Hindi

कीचड़ नहीं, कादो नहीं

खेले होली रंग की,

पेंट कोलतार नहीं

रंग की रंगोली है।

ईर्ष्या और द्वेष नहीं

खेलें होली प्रेम से,

दुश्मन को भी गले लगालें

मुंह में मीठी बोली है।

खेलो आज होली है,

कचरे न धूल डालो,

रंग और गुलाल उड़ा लो।

हुल्लड़ हुड़दंग नहीं,

मस्तों की टोली है,

खेलो आज होली है।

-विप्लव विक्रांत

होली आयी

Poem On Holi In Hindi

होली आयी, होली आयी,

हम बच्चों की टोली आयी।

हिंदू हो या मुसलमान भाई,

सिख हो या कोई ईसाई।

सभी पर डालो रंग प्यार का,

फूल हो जैसे एक बाग के।

सभी भेदभाव भुला कर,

गले लगाओ भाई बना कर।

बच्चों का यह है पैगाम,

सारे मतभेद भुला दो।

डालो रंग प्रेम भाव का,

अब न बहे खून इंसान का।

शांति से मनाओ यह त्योहार,

होली आयी, होली आयी,

हम बच्चों की टोली आयी।

-अमरजीत कुमार

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