21+ Best Poem On Monkey In Hindi | बंदर पर कविता

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Poem On Monkey In Hindi :-

 

Poem On Monkey In Hindi

 

बन्दर मामा

Poem On Monkey

 

रौब से निकले बन्दर मामा,

आज सिलाऊं मस्त पैजामा।

मल-मल कर उसको धुलवाऊं,

पानी छिड़क इस्त्री करवाऊं।

 

रात तक पहुंचे ससुराल,

सबने पूछे उनके हाल।

सेंट लगा ससुराल जाऊं,

ताम-झाम अपना दिखलाऊं।

 

रात तक पहुंचे ससुराल,

सबने पूछे उनके हाल।

सासू ने पकवान बनाए,

मिल बांट सबने खाए।

 

सुबह बीवी की करा विदाई,

शाम को घर लौट आए भाई।

-अरुण यादव

 

बंदर जी

Poem On Monkey In Hindi 

 

पेड़ पर बैठे बंदर जी,

थर थर कांप रहे हैं।

घर न बनाने की सजा,

आज देखो पा रहे हैं।

 

बेरहम सर्दी की मार,

रोज खूब खा रहे हैं।

ठंड के मारे बैठे बैठे,

अपना दांत बजा रहे हैं।

 

रात रात भर सर्दीं के मारे,

जाग कर बीता रहे हैं।

सर्दी के इस मौसम में,

मन ही घबड़ा रहे हैं।

 

पेड़ पर बैठे बैठे,

हाथ पांव हीला रहे हैं।

सर्दी के इस मौसम में,

पत्तों में बदन छुपा रहे हैं।

-बद्री प्रसाद वर्मा

 

बन्दर

Poem On Monkey

 

सबको नाच दिखाता बन्दर,

मन को अति हर्षाता बन्दर।

जब भी होता साथ मदारी,

पैसे खूब कमाता बन्दर।

 

 

पेड़, पेड़ पर जाता हरदम,

सब्जी और फल खाता बन्दर।

जब होती बरसात भटकता,

घर न कभी बनाता बन्दर।

 

 

जब आता है छत पर अपनी,

बच्चों के मन भाता बन्दर।

बन्दरिया और छोटा सा शिशु,

एक परिवार बनाता बन्दर।

 

घर पा जाये यदि खुला तो,

तोड़फोड़ कर जाता बन्दर।

सिद्ध हुआ है वो ही पूर्वज,

अपना सा लग जाता बन्दर।

-संजय कुमार भारद्वाज

 

बन्दर ने खूब बनाया

Poem On Monkey

 

अप्रैल फूल के दिन,

बन्दर के आया मन में।

गधे को बनाता हूँ ‘फूल’

वही मूर्ख है वन में।

 

गधे को लगाया फोन,

कहा”आज घर आना।

मेरा जन्म दिन है आज,

पकवान बने हैं नाना।

 

सुन कर गधा गदगद हुआ,

मुँह से टपकी लार।

पहना कोट, बाँधी टाई,

अच्छे से हुआ तैयार।

 

पहुँचा जब बन्दर के घर,

दरवाजे पर ताला पाया।

अब गधे को समझ आया,

बन्दर ने ‘फूल’ बनाया।

-हरिन्दर सिंह गोगना

 

लंबी पूंछ वाला बंदर

Poem On Monkey In Hindi

 

लबी पूंछ वाला बंदर,

छत पर रोज आता है।

 

घर के ऊपर इधर से उधर,

धमा चौकड़ी मचाता है।

 

कूद फांद कर वह हमारे,

बाड़ी में आ जाता है।

 

तोड़-तोड़ कर सारे फल,

और सब्जी खा जाता है।

 

मैं जब पास में जाऊँ तो,

अपना दांत दिखाता है।

-सुरेखा नवरत्न

 

कालू बन्दर

Poem On Monkey In Hindi

 

कालू बंदर है बहुत परेशान,

भारी गर्मी से वह हुआ हैरान।

बादल कभी-कभी हैं दिखते,

ना जाने फिर क्यों नहीं टिकते।

 

प्रभु से फिर करने लगा गुहार,

प्रभु कर दो बारिश की बौछार।

उमड़-घुमड़ कर बादल आए,

कालू झूम-झूम कर नाचे गाए।

 

तन-मन कालू के हो गए तृप्त,

बारिश जंगल में हुई ज़बरदस्त।

दूर हुई जंगल से गर्मी की मार,

कई दिन बरसे बादल बारम्बार।

-नीरज त्यागी

 

बंदर मामा

Poem On Monkey

 

पूंछ हिला कर,

बोले बंदर मामा।

भूख लगी,

कुछ खाने को दे दे बहना।

 

बिल्ली मौसी,

मंद-मंद मुस्कुरायी।

एक प्लेट में,

आम काट कर ले आयी।

 

बंदर की बाछे खिल-खिल आयी,

खुशी के मारे।

उसने अपनी पूंछ हिलायी,

बिल्ली बोली न-न भैया।

 

पहले अच्छे से दोनों हाथ धोना,

फिर ही मिलेगी रसीली अमिया।

बंदर मामा खिलखिलाये,

जल्दी से हाथ धोकर आये।

 

बंदर बिल्ली ने मिल कर,

आम के मजे उड़ाये।

-शोभा रानी गोयल

 

बंदर मामा की शादी

Poem On Monkey In Hindi

 

बंदर मामा, बंदर मामा,

जंगल में कैसा हंगामा।

अखबारों में खबर छपी है,

जंगल में बहस छिड़ी है।

 

तुम्हारी शादी न हो पायेगी,

शहनाई भी न बज पायेगी।

लॉकडाउन में सब है फेल,

बंद पड़ी जंगल की रेल।

 

शादी में बराती कैसे जायेंगे,

बैंड कहां से हम ले आयेंगे।

जंगल में है देखो तालाबंदी,

जहां में छायी कितनी मंदी।

 

कोट कहां हम सिलवायेंगे,

टाइ भी कैसे हम ले पायेंगे।

अब तो गधे पर चढ़ जायेंगे,

बंदर मामा की शादी करवायेंगे।

-प्रभुनाथ शुक्ल

 

बंदर और मदारी

Poem On Monkey

 

देखो बच्चों मदारी आया,

बन्दर और बंदरिया लाया।

कपड़े पहने हैं रंग-बिरंगे,

संग में लिए हैं लाठी-डण्डे।

 

आँखें हैं उसकी छोटी-छोटी,

भौंह है उसकी मोटी-मोटी।

कभी उछलता कभी कूदता,

कभी छड़ी लेकर है चलता।

 

नाक है उसकी छोटी-छोटी,

लम्बी दुम है उसकी मोटी।

ठुमक-ठुमक कर नाच दिखाता,

सलाम के लिए वह हाथ उठाता।

 

कभी कमर पर हाथ है रखता,

कभी हाथ से नाक रगड़ता।

देखो बच्चों मदारी आया,

‘बन्दर और बंदरिया लाया।

-अजय कुमार वर्मा

 

बंदर चला स्कूल

Poem On Monkey In Hindi

 

बंदर गया स्कूल

एक दिन

बिना लगाये टाई

भालू मास्टर ने खड़ा किया

कर दी खूब पिटाई।

 

उछल-उछल कर

बंदर चिल्लाया

उफ रे ! माई -माई

उफ रे माई- माई।

-सुभाष यादव

 

नेताजी

Bandar Par Kavita

 

एक बहुत मोटा सा बंदर,

अपनी टोली का वह नेता।

पेड़ से वह ढेरों फल तोड़े,

टोली के लोगों को देता।

 

टोली संग ही वह चलता,

आगे ही बढ़ कर रहता।

ढेला व पत्थर से कोई मारे,

पहले खुद ही वह सहता।

 

बच्चे जब भी उसे चिढ़ाते,

कुछ बच्चों को न कहता।

बड़े उसे जब मारने आते

तब काटने को वो दौड़ता।

 

टोली के संग ही,

पेड़ों पर मस्ती वह करता।

आम अमरुद अंगूर सभी,

मिल बांट कर वह खाता।

-लाल देवेंद्र कुमार

 

सुनो हमारे बंदर जी

Poem On Monkey In Hindi

 

एक दिन बंदरिया रूठ

कर बोली।

सुनो हमारे बंदर जी!

चांद तोड़ कर लाना जब,

तब आना घर के

अंदर जी।

 

पेड़ पर चढ़ कर

बंदर बोला,

चांद तोड़ने जा रहा हूं,

तेरी जो मंशा है,

पूरा करके दिखला रहा हूं।

 

देख कर चांद को

आसमान में,

बंदर ने छलांग लगाई।

चांद तोड़ नहीं पाया

फिर भी

हाथ-पैर दोनों तड़वाई।

-बद्री प्रसाद वर्मा

 

बंदर की शादी

Hindi Poem On Monkey

 

बाघ बकरी दोस्त बन गए,

चूहा बिल्ली साथी।

बंदर की शादी है देखो,

सजे हैं सब बाराती।।

 

हाथी ढोल बजाता है,

सब झमझम करते जाते।

गीदड़ भालू नाच रहे हैं,

मिलकर धूम मचाते।।

 

गाजर हलवा-रसगुल्ले,

और दही की चाट।

सजी हुई दावत है देखो,

सबके हो गए ठाट।।

-प्रवीन कुमार

 

बन्दरमामा

Hindi Poem On Monkey

 

रौब से निकले बन्दर मामा,

आज सिलाऊं मस्त पैजामा।

मल-मल कर उसको धुलवाऊं,

पानी छिड़क इस्त्री करवाऊं।

 

सेंट लगा ससुराल जाऊं,

ताम-झाम अपना दिखलाऊं।

रात तक पहुंचे ससुराल,

सबने पूछे उनके हाल।

 

सासू ने पकवान बनाए,

मिल बांट सबने खाए।

सुबह बीवी की करा विदाई,

शाम को घर लौट आए भाई।

-अरुण यादव

 

चुनमुन बंदर

Hindi Poem On Monkey

 

चुनमुन बंदर लिए चुकंदर,

छिपा पेड़ पर लगे लुकंदर।

धमा चौकड़ी बाहर अंदर,

कूद फांद में बने सिकंदर।

 

कुतर कुतर कर दाँत दिखाता,

फेंके ज्यादा थोड़ा खाता।

मीठे ना सब कहता जाता,

बरबादी पे खी खी करता।

 

मार झपट्टा सब छीने वो,

खुद खाए ना दे खाने वो।

सब्जी फल बरबाद करे वो,

मना करे तो वार करे वो।

 

बच्चों बन्दर सा ना बनना,

संसाधन बरबाद न करना।

मिटे जरूरत उतना रखना,

थाली में बरबाद न करना।

-अशोक श्रीवास्तव

 

 

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