Top 23+ Best Poem On Tree In Hindi | पेड़ पर सर्वश्रेष्ठ कविता

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Poem On Tree In Hindi :-
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पेड़

Poem On Tree

बड़े उपकारी हैं पेड़,

माँ समान हैं पेड़।

कितने सुन्दर लगते हैं पेड़,

अपने फल न खाते हैं पेड़।

आम-अमरुद सेब नारंगी,

फलों की खान है पेड़।

पत्थर भी जब खाते हैं पेड़,

बदले में फल देते हैं पेड़।

प्रकृति का वरदान है पेड़,

प्राणवायु के खजाने हैं पेड़।

हरियाली करते हैं पेड़,

प्रकृति का प्रदूषण हटाते हैं पेड़।

-श्यामसुन्दर गर्ग

पेड़

Poem On Trees In Hindi

पेड़ यहाँ पर हर मौसम में,

खड़े-खड़े मुस्काते।

ओला गरमी सरदी सहते,

हमको छांव दिलाते।

जाड़ा गरमी चाहे वर्षा,

सब को वे सह जाते।

पतझड़ छोड़ सभी मौसम में,

हरा नजर वे आते।

मीठे मीठे फल खिलाकर,

हमको स्वस्थ बनाते।

काले बादल को बुलाकर,

खेतों में जल बरसाते।

अपना जीवन तपा-तपाकर,

ठंडी हवा सभी को देते।

दुःख-दर्द सब खुद सह कर,

हमको शिक्षा देते।

-ब्रजनन्दन वर्मा

पेड़-पौधे कितने अनमोल

Poem On Tree In Hindi

पेड़-पौधे कितने अनमोल हैं,

पेड़-पौधों के लाखों मोल हैं।

पेड़ों ने ही संसार सजाया है,

पेड़ों ने ही पर्यावरण बचाया है।

पेड़ों ने ही जीवन सरस बनाया है,

पेड़ों की ही अद्भुत माया है।

पेड़ ना होता तो प्रदूषण होता,

प्रदूषण होता तो जीना सम्भव न होता।

पेड़ ही हमको जड़ी-बूटी देते हैं,

पेड़ ही हमारे लिए कट जाते हैं।

पेड़ों के हम पर कितने एहसान,

नहीं समझते हैं हम नादान।

हम सब मिलकर पेड़ लगाएगें,

फिर ना कभी हानि पहुँचाएगें।

पेड़ ही ही वर्षा लाते हैं,

पेड़ ही छतरी बन जाते हैं।

पेड़ ही देवतुल्य होते हैं,

सदा मानवहित में जीते हैं।

-नदीम

वृक्षों का उपकार

Poem On Tree In Hindi

स्वयं गरल पीकर,

हमको देती शुद्ध हवाएँ।

इनकी शीतल छाया,

हर तपते मन को भाये।।

जड़ी -बूटी की खान,

है जीवन के लिए वरदान।

पंछियों का बसेरा यहीं,

वृक्ष होते सच में महान।।

इनकी छाया सुखदायी,

देते हमको ऑक्सीजन।

वर्षा से हरियाली आती,

मेघों को देते निमंत्रण।।

वृक्षों की न करो कटाई,

हैं ये जीवन के आधार।

बंजर भूमि की जान वृक्ष,

करते धरती के श्रृंगार।।

ना भूले वृक्षों का उपकार,

आओ करे वृक्षारोपण।

बाढ़-सूखे से हमें बचाती,

दूर करते वायु प्रदूषण।।

-अनिता चन्द्राकर

पेड़-पौधे

Poem On Tree In Hindi

बीज लगाओ तो निकलें पौधे,

बढ़कर लेते वे जगह को घेर।

मोटे तने, निकले फूल-पत्ती,

वे कहलाते हैं देखो पेड़।।

पेड़ मीठे फल और राहगीरों को,

छाँव हैं देते।

बच्चे इसकी डाल पर झूलें,

खूब मज़े हैं सब लेते।।

चाहे हो घनघोर अँधेरा,

रहता पंछियों का इसमें बसेरा।

ची-ची करके ये बताएँ,

देखो भाई हो गया सवेरा।।

शुद्ध हवा ये पेड़ हैं देते,

और ये वर्षा को हैं बुलाते।

लेकर सभी विषाक्त गैसों को,

ऑक्सीजन हैं हमें देते।।

बारिश आती अगर अचानक,

इसके नीचे हम छुप जाते।

पेड़-पौधे ही इस धरती को,

देखो हैं दुल्हन बनाते।।

-सपना यदु

चलो पेड़ लगाते हैं

Poem On Tree In Hindi

चलो मिलकर पेड़ लगाते हैं,

चलो मिलकर पेड़ लगाते हैं।

सुखमय जीवन जीना चाहते हैं,

शुद्ध वायु जल पीना चाहते हैं।

वृक्षारोपण हेतु जागरूक बनाते हैं,

चलो मिलकर पेड़ लगाते हैं।।

पर्यावरण से है जीवन हमारा,

इससे चलता संसार सारा।

दिलो में प्रकृति प्रेम जगाते हैं,

चलो मिलकर पेड़ लगाते हैं।।

देती है सांसें जीवन को,

प्राणवायु हमारे तन को।

प्रदूषण को हम भगाते हैं,

चलो मिलकर पेड़ लगाते हैं।।

आसमान में बादल आते हैं,

स्वच्छ जल ये बरसाते हैं।

अकाल से हमको बचाते हैं,

चलो मिलकर पेड़ लगाते हैं।।

रबर, कागज, लकड़ी देते हैं,

बदले में हमसे कुछ नहीं लेते हैं।

क्यों जंगल में आग लगाते हैं,

चलो मिलकर पेड़ लगाते हैं।।

-सुनीता साहू

हँसते और मुस्काते पेड़

Poem On Tree In Hindi

सर उठाए, सीना ताने,

सैनिक-सा इतराते पेड़।

धूप सहकर, छाया देते,

पथिकों को बुलाते पेड़।

पुरवाई की मधुर थाप पर,

संगीत नया सुनाते पेड़।

सर्दी,गर्मी हर मौसम में,

मीठे फल दे जाते पेड़।

हम सब को खुशियाँ देने,

दुख को गले लगाते पेड़।

कितने जुल्म सहे हैं लेकिन,

हँसते और मुस्काते पेड़।

धरती का सौंदर्य बढ़ाने,

दयादृष्टि दिखलाते पेड़।

-बलदाऊ राम साहू

पेड़ लगाओ

Poem On Tree In Hindi

अपने दादा की ऊँगली थामें,

दीनू उछलते घूमने जाता।

तरह -तरह के पेड़ देखता,

डाली पर झूल जाता।।

धूप लगे तो पेड़ की छाँव में,

झटपट जाकर वह छुप जाता।

बड़े काम का पेड़ है होता,

पके-पके फल तोड़ के खाता।।

पेड़ हमारा सच्चा साथी,

पेड़ लगाने सबसे कहता।

शुद्ध हवा और भरपूर पानी,

पेड़ों से ही सबको मिलता।।

पेड़ लगाओ पेड़ लगाओ,

दीनू उछलते सबसे कहता।

-द्रोपती साहू “सरसिज”

झूमते पेड़

Poem On Tree In Hindi

पेड़ झूमते खड़े-खड़े

पतले झूमें मोटे झूमें।

लंबे झूमें छोटे झूमें

और झूमते बड़े-बड़े।

पेड़ झूमते खड़े-खड़े

हम भी संग में झूम रहे हैं।

उछल-कूदते घूम रहे हैं

देखा नीचे आम पड़े।

पेड़ झूमते खड़े-खड़े

बरगद पीपल पास खड़े।

ऐसे जैसे गले मिले

आपस में हैं सटे भिड़े।

पेड़ झूमते खड़े-खड़े

-श्याम सुंदर श्रीवास्तव

पेड़ों से मित्रता निभाओ

Poem On Tree In Hindi

पेड़ बड़े गुणकारी होते

साफ हवा और फल देते

तरह-तरह की औषधि और

इस धरती को जल देते।

कम करते सूरज की गर्मी

ठंडी हवा बहाते हैं

धरती हरी-भरी हो तो

सारे पक्षी गाते हैं।

जंगल बारिशकरवाते

नदियों में पानी लाते

मछली, मेंढक और कछुए

नदियों में जीवन पाते।

पेड़ हमारी सांसें हैं

पेड़ों से मित्रता निभाओ

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ

इस धरा को सुंदर बनाओ।

-सरस्वती रमेश

घर बन जाते पेड़

Poem On Tree

गर्मी दूर भगाते पेड़।

ठंडी हवा बहाते पेड़।।

थक जाते हैं खेलकूद कर।

ठंडी छांव में बिठाते पेड़।।

बादल को बुलवाते पेड़।

बारिश खूब कराते पेड़।।

भीग रहे जो पशु-पक्षी।

उनका घर बन जाते पेड़।।

ठिठुरन दूर भगाते पेड़।

ईंधन भी बन जाते पेड़।।

मीठे-मीठे फल देकर।

सबकी भूख मिटाते पेड़।।

-अंकित शर्मा ‘इषुप्रिय’

सुनो पेड़ जी

Poem On Tree In Hindi

खड़े-खड़े हरदम रहते हो,

कुछ ना कहते, चुप रहते हो।

नीम, आम, जामुन, बहेड़ जी,

सुनो पेड़ जी, सुनो पेड़ जी।

कभी बैठकर हमसे बोलो,

दही-जलेबी खा खुश हो लो।

ललचाए से खड़े भेड़ जी,

सुनो पेड़ जी, सुनो पेड़ जी।

मिट्टी से तुम जल लेते हो,

मीठे-मीठे फल देते हो।

खाएँ बच्चे और अधेड़ जी,

सुनो पेड़ जी, सुनो पेड़ जी।

करो सुखी जीवन की राहें,

जो भी तुम्हें काटना चाहे।

हम उनको देंगे खदेड़ जी,

सुनो पेड़ जी, सुनो पेड़ जी।

-मेराज रजा

पेड़ हमारे दोस्त

Poem On Tree In Hindi

पेड़ों को तुम काट रहे हो

प्रदूषण को तुम पाल रहे हो

इस जीवन को ही मानव

संकट में क्यों डाल रहे हो।

यूँ ही पेड़ों को काट दोगे तो

स्वच्छ पवन को तरसोगे

धरती बंजर हो जाएगी

तुम अन्य नीर को तड़पाओगे।

ग्लोबल वार्मिग के खतरे से

तुम कैसे फिर बच पाओगे

हर जगह प्रदूषण पाओगे

बीमारी से मर जाओगे।

अब भी मौका है सुन मानव,

पेड़ों को काटना बंद करो

सुखमय जीवन जीना है तो

वृक्षारोपण का संकल्प करों।

वृक्षारोपण का संकल्प करों।

-क्रित्यंची पात्रे

आओ साथी वृक्ष लगायें

Poem On Tree In Hindi

भू पर हरियाली फैलायें,

आओ साथी वृक्ष लगायें।

उजड़े वन लगते बेढंगे,

फूल न दिखते रंग-बिरंगे।

जबसे काटे हरे-भरे वन,

जल देने से मुकर गये घन।

वृक्ष बढ़ें तो बादल आयें,

आओ साथी वृक्ष लगायें।

सूखी नदियाँ ताल-तलैयां,

हैं उदास पशु चपल चिरैयां।

कोकिल चुप है अमराई में,

नमी न मिलती पुरवाई में।

घने वृक्ष हों सघन लतायें,

आओ साथी वृक्ष लगायें।

प्यासी धरती आज हमारी,

है पानी की मारा-मारी।

हरे-भरे हों फिर से जंगल,

मेघ झरायें धरती पर जल।

खूब फूल-फल अन्न उगायें,

आओ साथी वृक्ष लगायें।

-आचार्य भगवत दुबे

वृक्ष

Poem On Trees In Hindi

वृक्ष सलोने,

वृक्ष सजीले।

मन को भानेवाले,

अनमोल कहलाते।

धरा की शोभा बढ़ाते,

धरा सहचर कहे जाते।

सदैव स्थिर रहने वाले,

प्राणवायु दान देने वाले।

मानवता के हमसफ़र,

कहलाने वाले,

सूर्य सा अडिग रहने वाले।

वापस नहीं माँगने वाले,

समस्त प्राणिजगत को।

मूल रूप से भोजन,

उपलब्ध कराने वाले।

अनेकों ईंधन देने वाले,

छत्र छाया देने वाले।

सुख सुविधाओं के लिए,

संसाधन वाले वृक्ष जय।

-हितेंद्र कोंडागया

एक पेड़

Poem On Tree In Hindi

छोटे बीज के अंकुरण से,

बनता एक प्यारा पौधा।

पौधे को जब बरसो सहेजा,

तब जाकर पेड़ हैं बनता।

होता सफर लंबा उसका,

जीवन के लिए अनमोल होता।

देता ऑक्सीजन छाँव भी,

कई पंछियों का आश्रय भी।

अब तो सब जाग जाओ,

हरा भरा ये जग कर जाओ।

एक पेड़ सबके लिए,

प्रकृति का वरदान है होता।

-वीरेन्द्र कुमार साहू

वृक्ष

Poem On Tree In Hindi

ऊँचे-ऊँचे ये वृक्ष विशाल,

मोटा तना है मोटी डाल।

दूर दूर तक बाँहें फैलाये,

खेत खलिहानों में है छाये।

लहराते है ये झूम-झूम कर,

गीत गाते ये घूम-घूम कर।

जहाँ देखो ये वही खड़े हैं,

अटल-अजेय से वही अड़े है।

है हरे-भरे नयनाभिरामी,

सदा विजय की ये भरते हामी।

इन पर बैठ कर चिड़िया गाती,

और ताल देती हैं इनकी पाती।

बादलों को ये आकर्षित करते,

वर्षा देकर हमको हर्षित करते।

प्राणप्रद वायु भी ये देते हैं,

फिर भी दाम हमसे नहीं लेते है।

पर्यावरण है इनके दम पर,

प्रेम ये हमसे करते जम कर।

फिर भी इन्हें हम नुकसान पहुँचाते,

जान-सुनकर भी हम कष्ट उठाते।

अब कुछ तो हमको करना होगा,

वरना किए का फल भरना होगा।

आओ मिलकर हम ये काम करें,

वृक्षारोपण कर हम अपना नाम करें।

-सुनीला फ्रेंकलिन

पेड़ लगाओ

Poem On Tree In Hindi

पेड़ लगाना नेक काम है

पेड़ लगाएँगे।

हरा-भरा हो देश, यही

अभियान चलाएँगे।।

ऋतु बसंत में पवन वेग संग

लहराना, इतराना।

लेकिन फल आने पर सीखा

पेड़ों ने झुक जाना।।

ईंधन, फल, फूलों को पाकर

लाभ उठाएँगे।

वायु प्रदूषण दूर भगाकर

वर्षा खूब कराते।।

तरह-तरह से ये मनुष्य के

काम सदा ही आते।

धरती माँ को हरी चुनरिया

हम पहनाएँगे।।

सदा-सदा से पूज्य रहे हैं

इनको कोटि नमन्।

ये राही को देते हरदम

शीतल छांव पवन।।

मत काटो पेड़ों को

सबको हम समझाएंगे।

-श्यामसुन्दर श्रीवास्तव ‘कोमल’

पेड़

Poem On Tree

सुन्दर हरे-भरे पेड़,

छोटे कोई बड़े पेड़।

आम, जामुन, संतरे, केले.

आंवला, हर्र, बहेड़े पेड।

सीखें इनसे अटल रहना,

अपने ठांव अड़े पेड़।

गर्मी, सर्दी, बरसात, आंधियां,

खाते लू के थपेड़े पेड़।

अपना भोजन आप बनाते,

फैलाए धरती में जड़े पेड़।

फल-फूल, लकड़िया देते.

सदियों से ये खड़े पेड़।

-सुरेन्द्र कुमार गिरी

वृक्ष लगाये

Poem On Trees

प्यारे बच्चो वृक्ष लगायें,

भारत माता के गुण गायें।

पेंड हवा देते हैं सुन्दर,

कहते स्वस्थ रहो घर-बाहर।

कूड़ा-कचरा खुले न फेंको-

पैदा होंगे डेंगू – मच्छर।

आओ बच्चो उन्हें जगायें,

खुले शौंच की क्षति बतलायें।

दुर्गंध कहीं न फैले जग में,

रोग बढ़े न मानव मग में।

पानी कहीं न रुकने देना-

कीट बहुत दिखेंगे पथ में।

आओ मिल अभियान चलायें,

गंदगी को अति दूर भगायें।

धुल कर हाथ सभी से कहना,

बासी भोजन कभी न करना।

खाते समय न बोलो मुख से-

नहीं व्यर्थ में गाना – हँसना।

खेल-कूद संग योग सिखायें,

पढ़ने हित गुरुकुल को जायें।

भाषा प्रिय हो, वंदन प्रभु का,

गुरु की महिमा, मस्तक ऊँचा।

विनम्र भाव से शिक्षा पाकर-

बनें जवाहर सुविज्ञ कलाम सा।

गाँधी जी की कथा सुनायें,

अहिंसा पंथ पर चलते जायें।।

-मयंक किशोर शुक्ल

चल पेडों से हाथ मिलाएँ

Poem On Tree In Hindi

अब न प्रदूषण हम फैलाएं

चल पेड़ों से हाथ मिलाएं।

पेड़ हमें ऑक्सीजन देते,

दूर प्रदूषण को कर देते।

पेड़ हमारे मित्र सरीखे,

इनसे पर सेवा हम सीखें।

पेड़ों के इस महामंत्र को,

आओ जन जन तक पहुंचाएं।

चल पेड़ों से हाथ मिलाएं।

भरी दोपहरी सांझ सकारे,

भले इन्हें पत्थर हम मारें।

लेकिन कभी विरोध न करते,

फल फूलों से झोली भरते।

ऐसे उपकारी जीवों से,

क्यों न आज हम प्रेम बढ़ाएं।

चल पेड़ों से हाथ मिलाएं।

जब कोई शुभ अवसर आए,

तब तब हम एक पेड़ लगाएं।

नित्य नियम से पानी डालें,

जैसे भी हो इन्हें बचा लें।

पीपल बरगद और नीम के,

पौधे गांव गांव लगवाएं।

चल‌ पेड़ों से हाथ मिलाएं।

प्राण वायु है बहुत जरूरी,

इससे कभी न रखना दूरी।

जिन पेड़ो की छाया गहरी,

ठंडी बनती कड़ी दोपहरी।

राज मार्ग के दाएं बाएं,

छाया वाले पेड़ लगाएं।

चल पेड़ों से हाथ मिलाएं।

-डॉ. कुँवर वीर सिंह

नए साल में

Poem On Trees In Hindi

आओ बच्चो, नए साल में,

पौधे नए लगाएँ।

आसपास के पर्यावरण को,

मिलकर सुखद बनाएँ।

फूल, फल और छाँव मिलेगी,

खुशबूदार हवाएँ।

इन पेड़ों से लाभ बहुत है,

औरों को बतलाएँ।

रोज बढ़ रहा है यहाँ प्रदूषण,

यह भी तो हम जानें।

आओ, हम सब संकल्प करें,

पर्यावरण बचाने।

हम ही वृक्ष को काटेंगे तो,

धरा बच न पाएगी।

अपने पाँव मार कुल्हाड़ी,

जनता पछताएगी।

-बलदाऊ राम साहू

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