31+ योग दिवस पर सुंदर कविता | Poem On Yoga In Hindi

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Short Poem On Yoga In Hindi :- 21 जून विश्व योग दिवस मनाया जाता हैं। हम इस खास मौके पर आपके लिए 31+ Best योग दिवस पर सुंदर कविता लेकर आएं हुए हैं। भारत की शान है योग, गीता, वेद पुराण है योग। सबका कल्याण है योग, भारत की जान है योग। संस्कृति की आन है योग, प्रकृति का वरदान है योग। इस दिन भारत अलग अलग स्थानों पर योग किया जाता है।

 

व्यायाम

Poem On Yoga

 

प्यारे बच्चों रोज करो तुम,

जल्दी उठकर व्यायाम।

मन का भी होगा विकास,

शक्ति मिलेगी शरीर को।

 

आलस का न रहेगा नाम,

शरीर में आएगी फुर्ती।

तंदुरुस्त बन जाओगे तुम,

बीमारी नहीं आएगी पास।

-अतिक्ष जैन

 

योग

Poem On Yoga

 

आओ प्रात: जल्दी जागे,

स्वस्थ जीवन हेतु भागे।

सुबह के वक्त ताज़ी हवा,

बीमार काया के लिए बेहतर दवा।

 

योग करे और केवल योग करे,

प्राणशक्ति एवं शरीर का संयोग करे।

योग से होता शरीर भी अच्छा,

मन-परिवेश भी होता सच्चा।

 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाएँगे,

सब मिलकर रोग भगाएँगे।

योग को जीवन में आत्मसात करें,

स्वस्थ जीवन जीने की कला सीखे।

 

संसार में योग से भारत परचम लहराएगा,

भारतीय संस्कृति को फिर विश्व अपनाएगा।

अपने मन-शरीर का योग करे,

अपार सफलता का अमृत चखे।

 

जीवन की हर श्वास है बहुमूल्य,

प्राणायाम है नवजीवन के समतुल्य।

बच्चे-बूढ़े सब मिल करे योग,

तन मन अपना रखे निरोग।

-खेमराज साहू

 

योग

Poem On Yoga

 

योग कर अपने को निरोग करें,

अपने जीवन का सदुपयोग करें।

योग से बने सुंदर काया,

इससे बने हैं सुदृढ़ छाया।

 

योग कर मन स्वच्छ बनाएं,

करें योग तन स्वस्थ बनाएं।

योग करने पर ना होता कोई धन खर्च,

लगाओ आसन, करो इन पर समय खर्च।

 

योग धर्म नहीं यह तो विज्ञान है,

निरोगी काया इसकी पहचान है।

सदा सुखमय जीवन वह है बिताता,

जीवन में योग को है जो अपनाता।

 

वरदान समझ जो है योग करता,

आलस भी उससे है दूर भागता।

जो प्रतिदिन करते हैं योग,

ना पड़ते बीमार रहते निरोग।

 

चुस्ती फुर्ती में रहते आगे,

आलस सदा है उससे भागे।

मन लगाकर करते जो कोई ध्यान,

सुखी बने जीवन पाते सच्चा ज्ञान।

 

निरोगी काया की खातिर योग करें,

सब मिल लोगों को जागरूक करें।

-सीमांचल त्रिपाठी

 

योग

Poem On Yoga In Hindi

 

हम शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें,

हम मानसिक रूप से स्वस्थ रहें,

तनाव को जीवन से दूर करें,

चलो योग करें, सभी लोग करें।

 

शरीर में रक्त संचार बेहतर करें,

शरीर को ऑक्सीजन, पोषक तत्व मिले,

शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा मिले,

चलो योग करें, सभी लोग करें।

 

तंत्रिकाओं की कार्यप्रणाली बेहतर करें,

हृदय की गति को सामान्य करें,

श्वसन प्रणाली के विकार को दूर करें,

चलो योग करें, सभी लोग करें।

 

जीवन में सकारात्मकता लाने के लिए,

शरीर में नयी ऊर्जा को भरने के लिए,

बढ़ती उम्र का असर काम करने के लिए,

चलो योग करें, सारे लोग करें।

 

घर, कार्यस्थल के काम के दबाव को,

कम करने के लिए,

सही निर्णय सही समय लेने के लिए,

अच्छी याददाश्त, मन शांत रखने के लिए,

 

चलो योग करें, सभी लोग करें।

हमेशा ऊर्जावान रहने के लिए,

सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद,

प्राणायाम, अनुलोम-विलोम,

 

सूर्य नमस्कार करें,

चलो योग करें, सभी लोग करें।

बच्चे, बुजुर्ग, जवान, सभी स्वस्थ रहे,

भारत माँ के लाल हमेशा स्वस्थ रहे,

 

भारत के नव योग का निर्माण करें,

स्वस्थ भारत का निर्माण करें,

चलो योग करें और निरोग रहे।

-सुचित्रा सामंत सिंह

 

करते हैं जो योग

Poem On Yoga In Hindi

 

रोज सुबह जो उठ कर,

करते हैं जो योग।

जीवन में हमेशा,

करते हैं सुख का भोग।

 

तरह तरह की बिमारियों से,

हमें बचाता है योग।

नष्ट हो जाते सारे कष्ट,

जो करते नियमित योग।

 

सदा जीवन में वह,

तन्दुरुस्त रहते हैं।

जो योग को प्रति दिन,

नियम से करते हैं।

 

सौ रोगों की एक दवाई,

देखो बस यह योग।

सारे रोग को दूर करता,

देखो बस यह योग।

 

खुद को योग करो तुम,

और दूसरे को भी सिखलाओ।

योग दिवस है आज,

सब मिल कर इसे मनाओ।

 

कर के नियमित योग,

निरोगी काया बनाओ।

योग से फायदे क्या क्या है,

सब लोगों को समझाओ।

-बद्री प्रसाद वर्मा अनजान

 

करो योग रहो निरोग

Poem On Yoga In Hindi

 

भारत की शान है योग,

गीता, वेद पुराण है योग।

सबका कल्याण है योग,

भारत की जान है योग।।

 

संस्कृति की आन है योग,

प्रकृति का वरदान है योग।

शरीर की स्फूर्ति है योग,

वीरों की शक्ति है योग।।

 

निरोगता का राज है योग,

मन की एकाग्रता है योग।

संतो की साधना है योग,

सफलता की कुंजी है योग।।

-गोपाल कौशल

 

चलो योग करें

Poem On Yoga In Hindi

 

तन का मन से,

मन का धन से।

धन का जीवन से,

जीवन का अर्पण से।

 

अर्पण का समर्पण से,

समर्पण का अर्चन से।

अर्चन का वंदन से,

वंदन का अभिनंदन से।

 

चलो योग करे,

जगत का जीव से।

जीव का जीवन से,

जीवन का प्रकृति से।

 

प्रकृति का संस्कृति से,

संस्कृति का संस्कार से।

संस्कार का व्यवहार से,

व्यवहार का विचार से।

 

विचार का संसार से,

चलो योग करें।

व्यक्ति का शक्ति से,

शक्ति का भक्ति से।

 

भक्ति का भाव से,

भाव का भावना से।

भावना का कामना से,

कामना का शुभकामना से।

 

शुभकामना का दृष्टि से,

दृष्टि का सृष्टि से।

सृष्टि का ब्रम्ह से,

ब्रम्ह का परब्रह्म से।

चलो योग करें।।

-श्रवण कुमार साहू

 

योग दिवस पर विशेष

Poem On Yoga In Hindi

 

योग करो जीवन तेरा हर,

रोज निखरता जाएगा।

कर योग सुबह सुनले बंदे,

हर रोग सुधरता जाएगा।

 

तुम ब्रह्म मुहूर्त में जगा करो,

अपनी निंद्रा से दगा करो।

कहीं खुली जगह हरियाली हो,

और कलियां खिलने वाली हो।

 

लो ब्रह्म मुहूर्त में ओम नाम,

अनुराग सवरता जाएगा।

अनुलोम विलोम किया करना,

कुंभक में सांस लिया करना।

 

फिर कपालभाती हल्के से,

फेंको तुम सांसे झटके से।

यह बढ़ा हुआ जो रोग तेरा,

हर रोज सिकुड़ता जाएगा।

 

हठयोग को करता जाएगा,

जीवन में नहीं पछतायेगा।

भ्रामरी भस्तिका ऊज्जाई,

हर रोग की होगी भरपाई।

 

विन योग किए तेरा हर पल,

हर रोग बिगड़ता जाएगा।

योग करो जीवन तेरा हर,

रोज निखरता जाएगा।

-डॉ अरविंद कुमार पाल

 

अपनाएं योग, सदा रहो निरोग

Poem On Yoga Day In Hindi

 

अपनाएं योग, सदा रहो निरोग,

यह मूल मंत्र जिस ने अपनाया।

बीमारियों से कोसों दूर रहकर,

बह निरोग जीवन को है पाया।

 

योग भारत की पुरानी संस्कृति,

सदियों से रहा है इसका नाता।

ऋषि मुनियों का योग संस्कृति,

इसपर पतंजलि ने प्रकाश डाला।

 

स्वस्थ और दीर्घायु जीवन का,

राज को ऋषि-मुनियों ने बताया।

योग साधना की दिव्य शक्ति का,

पूरी दुनिया को तब समझ आया।

 

जून 21 की विशेष दिवस पर,

संयुक्त राष्ट्र ने इसे है अपनाया।

पुरी दुनिया को निरोग रहने का,

योग का महत्व को है समझाया।

 

जीवन भर फिट रहने का एक,

योगासन का सन्मार्ग दिखाया।

ना ही कोई पैसा ना कोई दाम,

सेहत रहने का मंत्र सिखलाया।

 

योग को हर रोज की साधना,

जिसने भी मानकर अपनाया।

मन की सारी व्याधि से मुक्ति,

स्वंय पल भर में वह है पाया।

 

आओ हम सब योग अपनाएं,

तन्दरूस्ती और स्वास्थय पाएं।

युवा को नशे की लत से बचाएं,

राष्ट्र सशक्त और समृद्ध बनाएं।

-राजेश कुमार वर्मा

 

योग का करो नित्य प्रयोग

Poem On Yoga In Hindi

 

योग का करो नित्य प्रयोग,

योग से बनता मानव निरोग।

स्वास्थ्य धन से, जीवन बनता सुखमय,

बिन स्वास्थ्य ना भाये, सुर और लय।

 

स्वस्थ शरीर में ही होता,

स्वस्थ मस्तिष्क का विकास।

रोगी काया रहे, सदा निराश,

योग का करो नित्य प्रयोग।

 

योग से बनता मानव निरोग,

योग शरीर रूपी मशीन को।

शक्तिशाली बनाता,

बीमारियों को सदा के लिए दूर भगाता।

 

बने जो स्वस्थ हम तो,

स्वस्थ हो परिवार हमारा।

स्वस्थ परिवार ही बनाए,

स्वस्थ समाज हमारा।

 

योग का करो नित्य प्रयोग,

योग से बनता मानव निरोग।

आओ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं,

मानवीय गुणों से अपना जीवन सजाएं।

 

भारत हमारा विश्व गुरु कहलाए,

योग का करो नित्य प्रयोग,

योग से बनता मानव निरोग।

-ब्रह्माकुमारी मधुमिता

 

योग करो निरोग रहो

Poem On Yoga Day In Hindi

 

योग करो निरोग रहो,

तन-मन सुंदर स्वस्थ करो।

जीवन को सुदृढ़ करो,

बीमारियों को दूर करो।।

 

योग से मिलती सुन्दर काया,

जीवन से हट जाती माया।

अब तू क्यों है घबराया,

अब योग की शरण में आया।।

 

जीवन में विनम्र बनो,

संस्कार को अपनाओ।

प्रति-दिन योग करो,

खुशहाली का जीवन पाओ।।

 

योग से मानसिक शांति आया,

स्वस्थ निरोग जीवन है पाया।

सुदृढ़ रहने का हुनर है आया,

स्वावलंबी जीवन है बनाया।।

 

प्रगति-पथ पर आगे बड़ो,

संकटों को दूर करो।

कष्टों से मत घबराओ,

चित्त को सदैव शांत रखो।।

 

शान्त चित्त को मैंने पाया,

खुशियों का मौसम है आया।

बीमारियों को दूर भगाया,

ईश्वर में मन को रमाया।।

 

योग को दिनचर्या में लाओ,

सुरक्षित जीवन पाओ।

आहार में शुद्धता लाओ,

हरे-भरे पौधे लगाओ।।

 

हरे-भरे वृक्षों को लगाया,

पर्यावरण को शुद्ध बनाया।

योग को जब से अपनाया,

मानसिक शान्ति मैंने पाया।।

-प्रीति

 

योग साधना

Poem On Yoga Day

 

हम सब लोग योग अपनायें।

सभी योग की महिमा गायें।।

सबके लिए योग हितकारी।

सबके लिए योग गुणकारी।।

 

सबके लिए योग उपयोगी।

सभी योग का लाभ उठायें।।

हम सब लोग योग अपनायें।

योग सभी को स्वस्थ बनाता।।

 

योग नई चेतना जगाता।

योग दीर्घ जीबी करता है।।

सब अनुभबी यही बतलाएँ।

हम सब लोग योग अपनाएँ।।

 

तन हो स्वस्थ, स्वस्थ निज मन हो।

स्वस्थ सबल सुखमय जीवन हो।।

हो न किसी की काया रोगी।

हम रोगों को दूर भगायें।।

 

हम सब लोग योग अपनायें,

आसन, प्राणायाम करें हम।

शारीरिक व्यायाम करें हम।।

 

अनुशासित संयमित रहें नित,

सीखें योग, योग सिखलायें।

हम सब लोग योग अपनायें।।

-डॉ. विनोदचंद्र पाण्डेय

 

योगासन

Yoga Day Par Kavita

 

सुबह-सबेरे योग करेंगे

आज करें प्रण आओ बच्चो,

योगासन हैं भाति-भांति के

सीखो और सिखाओ बच्चो।

 

स्वच्छ हवा में साफ जगह पर

गहरी-गहरी सांसें लेंगे,

पद्यासन या ताड़ासन हो

तन-मन में ऊर्जा भर देंगे।

 

कभी खड़े हो, कभी लेट कर

कभी बैठ करते आसन,

रोज-रोज अभ्यास करें तो

कष्टों को हरते योगासन।

 

ऋषि-मुनियों की देन योग है।

जीबन रहे निरोगी बच्चो,

सारी दुनिया ने माना है

योगबड़ा उपयोगी बच्चो।

-डॉ. वेद मित्र शुक्ल 

योग करें

Yoga Day Par Kavita

 

खुली हवा या पार्क में जाकर,

आओ हम सब योग करें।

ऊर्जा तन-मन में जगा कर,

जीवन का सहयोग करें।

ताजा दम हो जाएं थोड़ा,

जोड़ सांसों की माला।

जहां खिली प्रकृति की क्यारी,

जिसने हमको है पाला।

योग हमें सिखलाता है यह,

प्रकृति से मत दूर रहो।

अपने भीतर तक जाकर के

रोगों को अलविदा कहों।

-इंद्रजीत कौशिक

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