Top 51+ Best Teachers Day Poem In Hindi | शिक्षक दिवस पर सुंदर कविता

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Teachers Day Poem In Hindi :- आज के पोस्ट में शिक्षक पर कुछ बेहतरीन कविता (poem on teachers in hindi) साझा किया गया है। “गुरु की ऊर्जा सूर्य-सी, अम्बर-सा विस्तार, गुरु की गरिमा से बड़ा, नहीं कहीं आकार। गुरु का सद्सान्निध्य ही, जग में है उपहार, प्रस्तर को क्षण-क्षण गढ़े, मूरत हो तैयार”

कहने का तात्पर्य यह है कि गुरु की ऊर्जा सूर्य के समान है और उसकी आभा इस अनंत धरती के समान, गुरु की गरिमा से बड़ा कुछ भी नहीं है। गुरु का सुंदर साथ ही इस संसार में महत्वपूर्ण उपहार है, जो कच्ची मिट्टी से सुंदर मूर्तियां गढ़ता है यानी अज्ञानी को ज्ञान प्रदान कर विद्वान बनाता है।

एक अच्छा शिक्षक मोमबत्ती की तरह खुद को जलाकर अपने शिष्यों को प्रकाश देता है। महान शिक्षक, दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन के उपलक्ष्य में 5 सितम्बर शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। शिक्षक अपने ज्ञान और अनुभव से जो हमें सिखाते हैं, वह अनमोल धरोहर है। हमारे देश में ऐसे ही महान शिक्षक हुए हैं। चाणक्य सावित्रीबाई फुले, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम, आरके नारायण आदि। हम आज के पोस्ट में बेहतरीन शिक्षक पर कविता लेकर आए हैं। आइए शिक्षक दिवस पर कुछ बेहतरीन कविताएंं – Poem On Teachers Day In Hindi साझा किया गया है।

Teachers Day Poem In Hindi

जग में गुरु महान है 

Teachers Day Poem In Hindi

 

गुरु शिक्षा की खान है, 

जग में गुरु महान है।

सीख देने वाले भू-तल में,

देवतुल्य इंसान है।।

 

ज्ञान का अलख जगाते,

अच्छे संस्कार दे जाते हैं।

गुरु का ज्ञान पाकर,

हम खुद को धन्य पाते हैं।।

 

कुम्हार मिट्टी थाप लगाकर,

देता उसे नई पहचान है।

गुरु शून्यरूपी नादान को,

बनाते उच्च कोटि इंसान है।।

 

गुरु की महिमा तो,

गाता सारा जहान है।

मिलता ऊँचा शिखर,

गुरु से राष्ट्र निर्माण है।।

 

गुरु ही साक्षात पारब्रह्म,

ब्रह्मा, विष्णु, महेश।

इनके पथ प्रदर्शन से,

जीवन में न होता क्लेश।।

 

महामानव गुरु को,

लगाऊँ तिलक चंदन।

नव सृजनकर्ता गुरु का,

करूँ बारम्बार वंदन।।

करूँ बारम्बार वंदन।।

-महेन्द्र साहू

 

शिक्षक दिवस 

Teachers Day Poem

 

आज शिक्षक दिवस आया,

गुरू हमें सद्ज्ञान देते।

हर अविद्या तिमिर लेते।

है हमें करते सुशिक्षित,

शिष्य प्रिय हमको बनाया।

आज शिक्षक दिवस आया।।

 

यह हमारी भावना है।

यह हमारी कामना है।

गुरु हमारे मान पाये,

है जिन्होंने जग जगाया।

आज शिक्षक दिवस आया।।

 

कोटि-कोटि प्रणाम उनको।

शत नमन अभिराम उनको।।

मिल सके उनको प्रतिष्ठा,

भाव यह उर में समाया।

आज शिक्षक दिवस आया।।

 

पर्व होगा सफल अपना।

पूर्ण होगा सुखद सपना।।

धन्य हैं आदर्श शिक्षक,

पथ जिन्होंने शुचि दिखाया।

आज शिक्षक दिवस आया।।

-डॉ. विनोद चन्द्र पाण्डेय

 

गुरु महिमा

Teachers Day Poem In Hindi

 

गुरु की महिमा निशि-दिन गाएँ,

हर दम उनको शीश नवाएँ।

जीवन में उजियारा भर लें,

अंधकार को मार भगाएँ।

 

सत्य मार्ग पर चलना बच्चो,

गुरुदेव हमको सिखलाएँ।

पर्यावरण बिगड़ न पाए,

धरती पर हम वृक्ष लगाएँ।

 

पानी अमृत है धरती का,

बूँद-बूँद हम रोज बचाएँ।

सिर्फ जिएँ न अपनी खातिर,

काम दूसरों के भी आएँ।

 

मात, पिता, गुरु, राष्ट्र की सेवा,

यह संकल्प सदा दोहराएँ।

बातें मानें गुरुदेव की,

अपना जीवन सफल बनाएँ।

-घनश्याम मैथिल

Teachers Day Poem In Hindi

गुरु

Teachers Day Poem In Hindi

 

पहली गुरू है माँ मेरी,

जिसने मुझे चलना सिखलाया।

पाल-पोश कर बड़ा किया मुझे,

उसने ही बोलना सिखाया।

 

दूजे गुरू हैं मेरे पिता,

जिन्होंने जिम्मेदारी बताया।

मेरी इच्छाएं पूरी करके,

मुझे खुश करके दिखलाया।

 

तीसरे गुरू हैं अध्यापक जी,

जो मुझको पाठ पढ़ाते हैं।

क्या सही है क्या गलत?

मुझे इसका बोध कराते हैं।

 

इन सब गुरुओं ने ही मुझको,

एक अच्छा इंसान बनाया।

आज इन्हीं की बदौलत,

मैं अच्छा बच्चा बन पाया।।

-हर्षित पाण्डेय

 

शिक्षक के दायित्व

Teachers Day Poem In Hindi

 

चलो पहचान बदल ही डालें,

शिक्षक हैं कुछ कर ही डाले।

माता, पिता गुरु और ईश्वर,

इनके महत्व हैं बतलाने।

 

शिक्षा के कुछ मायने बदलें,

हर बच्चे को जानें समझें।

ज्ञानार्जन कुछ यूं करवायें,

कीड़े किताबी नहीं बनें वो।

 

दृढ़ता पूर्वक हर बाधा को,

एक, एक करके पार लगायें।

अध्ययन करते हम जीवन भर,

सीखने सिखाने में सक्षम रहते।

 

नये दौर की नयी नयी बातें,

चिंतन, कल्पना, जिज्ञासा सीखें।

उद्देश्य बना लें सत्य की खोज,

विद्यार्थी को दें ऐसी सोच।

 

प्रोत्साहन भी करते जाना,

उन्हें लक्ष्य तक है पहुचाना।

चलो पहचान बदल ही डाले,

शिक्षा की अलख को और जलायें।

 

सेवा भाव से मिलकर हम सब,

शिक्षा के नन्हें कुछ दीप जलायें।

भारत के ये भाग्य विधाता,

इन पर सबको गर्व करा दें।

 

चलो पहचान बदल ही डाले,

शिक्षक हैं कुछ कर ही डालें।

-आसिया फारूकी

 

गुरु पद पा जाते शिक्षक

Teachers Day Poem In Hindi For Kids

 

हमको पाठ पढ़ाते शिक्षक,

रास्ते नए बताते शिक्षक।

जहाँ कहीं मुश्किल आ जाती

हल उनका बतलाते शिक्षक।

 

सुबह-शाम बस चिंता करते,

कभी नहीं अघाते शिक्षक।

फूल सरीखे ज्ञान बाँट कर,

मान सभी से पाते शिक्षक।

 

अंधकार को पी जाते ‘औ’

गुरु पद को पा जाते शिक्षक।

-बलदाऊ राम साहू

 

शिक्षक ज्ञान का सागर है

Teachers Day Poem In Hindi Lyrics

 

शि

शिक्षक ज्ञान का सागर है,

जिसकी महिमा उजागर है।

शिष्यों को शीलवान बनाता,

वो अनन्त गुणों का सागर है।

 

क्ष

क्षमता, ममता, दया धर्म का,

जो जग को पाठ पढाता है।

शांति और क्रांति दोनों का,

जो स्वयंसिध्द जन्मदाता है।

 

कर्मशील, साधक, सुजान वो,

जो परहित जीवन जीता है।

रामायण सी अमृत वाणी,

हर कर्म जिसका गीता है।

 

शिक्षक

क्षण-क्षण करके, समय जोड़ता,

कण कण करके, जीवन गढ़ता।

पथ पर कितने भी कण्टक हों,

अविरल, अविराम है चलता।

 

कहीं क्रांति का ज्वाल वही है।

कहीं बना वह सृजन प्रवर्तक,

जो वह मार्ग हमे दिखलाए।

चलें उसी पर गमन करें।

 

ब्रम्हा, विष्णु, महेश्वर शिक्षक,

चलो आज हम नमन करें।

-श्रवण कुमार साहू

 

 

गुरु को प्रणाम

Poem On Teacher In Hindi

 

5 सितंबर शिक्षक दिवस पर,

करें गुरू का गान।

ज्ञान चक्षु को खोल हमारे,

मिटा दिया अज्ञान।।

 

जला ज्ञान का दीप हमारा,

मार्ग किया आसान।

अंतर्मन को सहला सहला,

गढ़ें नया इंसान।।

 

गुरू आज्ञा शिरोधार्य हो,

रखें उनका मान।

अपना जीवन धन्य बना लें,

लें उनका वरदान।।

 

धरती पर ही स्वर्ग बना लें,

गुरू का करके ध्यान।

अर्पित हो गुरू चरणों में जीवन,

ऐसे कर लें काम।।

 

भेदभाव और ऊंच-नीच का,

रहने न दें नाम।

ऐसे गुरु को आज करें ह म,

कोटि-कोटि प्रणाम।।

श्यामा देवी

 

शिक्षक दिवस

Small Poem On Teachers Day

ज्ञान हमारा सदा बढ़ाते,

और सदा अज्ञान मिटाते।

जीवन पथ पर मान दिलाते,

मंजिल-मंजिल गौरव पाते।।

माली बनकर फूल खिलाते,

बागों-बागों महक लुटाते।

कठिन परीक्षा सफल बनाते,

हर मुश्किल में साथ निभाते।।

साहस हिम्मत त्याग सिखाते,

वीर हमारे कब घबराते।

हर आँधी से हमें बचाते,

तूफानों से यह टकराते।।

अँधियारे में मार्ग दिखाते,

उजियारे के पाठ पढ़ाते।

राष्ट्रपति की याद दिलाते,

राधाकृष्णन् हमें सुहाते।।

गुरु पूर्णिमा पूजे जाते,

गुरु हमारे यह कहलाते।

शिक्षक दिवस का पर्व मनाते,

पाँच सितम्बर इसे मनाते।।

-डॉ. प्रीति प्रवीण खरे

 

शिक्षक

Poem On Teacher Day In Hindi

देकर शिक्षा करते राष्ट्र निर्माण,

पढ़ा-लिखाकर ज्ञानवान बनाते हैं।

भाग्य विधाता बनकर,

जीवन सँवार देते हैं।।

अशिक्षा रूपी अंधकार भगा,

जीवन ज्योत जलाते हैं।

देकर सत्कर्म शिक्षा से,

जीवन मूल्य बढ़ाते हैं।।

काँटों मध्य फूल सा हमको,

हँसना भी सिखाते हैं।

अच्छे विचारों को भरकर,

जीवन जीने की पाठ पढ़ाते हैं।।

निरक्षर से साक्षर करने की,

प्रतिपल राह दिखाते हैं।

उन्नति पथ पर चलाकर,

जीवन गढ़ते जाते हैं।।

कर्तव्यनिष्ठ होते शिक्षक,

बच्चे को सर्वोत्तम देते हैं।

वेद- पुराण की बात बताकर,

जीवन धन्य कर जाते हैं।।

-सीमांचल त्रिपाठी

 

जीने के लिए राह दिखाता हूँ

Teachers Day Par Kavita In Hindi

जीने के लिये राह दिखाता हूँ,

बच्चों को सच्चा मार्ग बताता हूँ।

तराशता हूँ हीरे की तरह उन्हें,

असली डगर पर चलना सिखाता हूँ।

बच्चों को अच्छा इंसान बनाता हूँ,

मुश्किलों से लड़ना सिखाता हूँ।

जिंदगी की हर राह में बच्चे,

आगे बढ़ना खूब सिखाता हूँ।

बच्चों में नव ज्योति जलाता हूँ,

राष्ट्र का निर्माण कराता हूँ।

यही है मेरी कहानी साथियों,

समाज का उत्थान कराता हूँ।

-डिजेन्द्र कुरै

 

गुरू कैसे हों

Teachers Day Par Kavita

बच्चों संग, बच्चों को जैसे,

समझ आए समझाएं।

नवप्रयोग और नवाचार की,

राह उन्हे दिखलाएं।

खुद भी चलें, उन्हे चलाएं,

सद् मार्ग बतलाएँ।

जीवन का हल कैसे निकले,

ऐसा गणित सुझाएं।

नेक बने, विवेक भी आए,

सदाचार ही सदा पढ़ाएं।

स्वप्न हकीकत में जो बदलें,

ऐसी युक्ति बुझाएँ।

-विकास कुमार

 

शिक्षक भाग्य-विधाता है

Hindi Kavita About Teachers

शिक्षक भाग्य विधाता है,

शिक्षक का है शिक्षण कार्य।

शिक्षक का ही नाम पुरोहित,

शिक्षक कहलाता आचार्य।।

सत्यनिष्ठ कर्त्तव्य निष्ठ,

शिक्षक करता है विद्यादान।

विनयशीलता सिखलाता है,

शिक्षक शिष्यों को विद्वान।।

शिक्षक जो आचरणवान है,

कहलाता आचार्य महान।

वही पूज्य होता है जग में,

पाता है सबसे सम्मान।।

शिक्षक तो वह दीपक है जो,

जलकर भी प्रकाश देता है।

ऐसे आदर्श शिक्षक को,

सारा देश नमन करता है।।

भाग्यशाली है वह शिष्य,

जिसने गुरु का आशीष है पाया।

गुरु के आशीर्वाद से हमने,

जीवन को सफल बनाया है।।

-श्रीमती सुधा मेठी

 

वह गुरु कहलाता

Teachers Day Par Poem

शिक्षा का ज्ञान जो देता,

जीवन को प्रकाश से भरता।

अक्षरों से कराता दोस्ती,

किताबों से कराता मित्रता।

वह कोई और नहीं,

वही हमारा गुरु कहलाता।

रंग-बिरंगे चित्रों से परिचय कराता,

ज्ञान- विज्ञान की बातें बताता।

राजनीति और आविष्कारों की बातें,

किस्से-कहानी, कविता भी सुनाता।

वह हमारा गुरु कहलाता,

गणित की बारीकी बताता।

जीवन में जोड़ना, दुखों को घटाना,

खुशियों का गुणा, अपनों का भाग लगाना।

हमको जो ये सब सिखाता,

वह हमारा गुरु कहलाता।

-वीरेन्द्र कुमार साहू

 

शिक्षक दिवस

Short Poem On Teachers Day

इस दुनिया में महान हैं शिक्षक,

जो हमें सभी विषय पढ़ाते हैं।

शिक्षक कड़ी मेहनत कर,

बच्चों का भविष्य बनाते हैं।

शिक्षक होते हैं बहुत महान,

इसलिए तो इनके सम्मान में।

प्रतिवर्ष पाँच सितंबर को,

हम शिक्षक दिवस मनाते हैं।

शिक्षक होते हैं ऐसे दीपक,

जो खुद जलकर,

ज्ञान का दीप जलाते हैं।

इसलिए इनके सम्मान में,

हम शिक्षक दिवस मनाते हैं।

इस दिन जन्मे थे एक महान शिक्षक,

सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन कहलाते हैं।

इसलिए तो इनकी याद में हम,

शिक्षक दिवस मनाते हैं।

-तेजेश साहू

 

शिक्षक

Poem On Teachers Day In Hindi

शिक्षक वही जो जीना सीखा दे,

जिंदगी जीने के लिये राह दिखा दे।

तराश दे हीरे की तरह बच्चों को,

दुनिया की राहों पर चलना सीखा दे।

शिक्षक वही जो सच्चा मार्ग,

प्रशस्त की किरण दिखा दे।

बच्चों को अच्छा इंसान बना दे,

जिंदगी को फूलों सा महका दे।

शिक्षक वही जो हर मुश्किलों,

में हिम्मत से लड़ना सीखा दे।

जिंदगी की हर कांटो भरी राह में,

हरदम आगे बढ़ना सीखा दे।

शिक्षक वही जो राष्ट्र निर्माण कराये,

समाज मे नव ज्योति जला के दे।

समाज मे नव किरण बिखरा दे,

शिक्षा की अलख जगा दे।

शिक्षक प्रकाशपुंज का आधार है,

हमारे जीवन मे संस्कार है।

हमारे जीवन की बगिया को,

अपने आशीर्वाद से सवार दे।

शिक्षक आदर्शों का मिसाल,

बनकर जीवन को निखार दें।

सदाबहार फूल सा खिलकर,

हमारे जीवन मे बहार दे।

शिक्षक होता सबसे महान,

शिक्षक देता सबको ज्ञान।

शिक्षक में सूरज सा कमान,

सभी शिक्षको को मेरा प्रणाम।

-उषा साहू

ज्ञान की बातें

Teachers Day Poem In Hindi

ज्ञान की बातें जो सिखलाता,

गुरु हमारा वह कहलाता।

ज्ञान दीप की ज्योति देकर,

अंधकार को दूर भगाता।

संस्कार सिखलाए गुरु जी,

बड़ो का मान बतलाए गुरुजी।

अनुशासन भी वो सिखलाते,

त्याग समर्पण वह बतलाते।

सबको ज्ञान बाँटते जाते,

अपना ज्ञान बढ़ाते जाते।

उनकी ताकत होती कलम,

कलम नहीं किसी से कम।

विद्यालय है घर जैसा,

हम सब उनके बच्चे जैसे।

एक साथ रहना बतलाए,

सबसे स्नेह करना सिखलाए।

उनके चरण कमल को मैं,

सत-सत नमन करती जाऊँ।

ज्ञान दीप की ज्योति लेकर,

उनका मैं गौरव बन जाऊँ।

-धारणी सोनवानी

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सरस्वती माॅं विद्यालय प्रेरणादायक कविता
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राष्ट्रीय फल आम कोयल फूल
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योग दिवस रक्षाबंधन चींटी रानी
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