13+ शिक्षा पर सर्वश्रेष्ठ कविता | Best Poem On Education In Hindi

Poem On Education In Hindi :- “शिक्षा ही मनुष्य को सम्पूर्णता प्रदान करती है।” यह वाक्य हर पल सत्य पर लागू होती है। कभी कल्पना करिये यदि हम शिक्षित न होते तो संसार के तमाम विषयों, भाषाओं, अनगिनत विचारों, मान्यताओं, धर्मों, संस्कारों व नवीन आविष्कारों से स्वयं को कभी अवगत ही न करा पाते।

भारतीय संस्कृति का एक सूत्र कथन है- “तमसो मा ज्योतिर्गमय” अंधेरे से उजाले की ओर ले जाने में शिक्षा का बहुत बड़ा योगदान है। भारतीय परम्परा में शिक्षा को शरीर, मन और आत्मा के विकास द्वारा मुक्ति का साधन माना गया है। शिक्षा मानव को उस सोपान पर ले जाती है। जहाँ वह अपने समग्र व्यक्तित्व का विकास कर सकता है। शिक्षा का स्वरूप क्या हो। 

यजुर्वेद भी कहता है, ‘सा विद्या या विमुक्तये’ अर्थात् शिक्षा वह है जो मुक्ति दिलाए। मुक्ति किस प्रकार से, वर्तमान जीवन में परिप्रेक्ष्य में भ्रष्टाचार, बेईमानी, अपराध, द्वेष, भूख, गरीबी, अज्ञान, रोग, बेकारी आदि से मुक्ति दिलाए वह शिक्षा है।

स्वयं को समर्थ बनाने, अपने तथा दूसरों के व्यक्तित्व को नया आयाम देने का महत्वपूर्ण कार्य शिक्षा के द्वारा ही संभव है। इसलिए आज के लेख में शिक्षा पर आधारित बहुत ही सुंदर कविता (Shiksha Par Kavita) आप लोगों के समक्ष साझा किया जा रहा है।

 

शिक्षा

Poem On Education

 

शिक्षा हमें जगाती,

जीने की कला सिखाती है।

 

अज्ञान का तिमिर मिटाकर,

ज्ञान का दीप जलाती है।

 

सद्गुणों का कर विकास,

मानव को सभ्य बनाती है।

 

कितनी भी मुश्किल हो राहें,

चलना हमें सिखाती है।

 

जीवन की हरेक परिस्थिति में,

ढ़लना हमें सिखाती है।

 

सर्वहित हो उद्देश्य ज्ञान का,

यह शिक्षा हमें बताती है।

 

और प्रेम करुणमय जीवन का,

मूल मंत्र दे जाती है।

 

मानवता का पाठ पढ़ाकर,

जीवन को सफल बनाती है।

-विवेक कुमार

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शिक्षा

 Poem On Education In Hindi

 

जीवन का आधार हैं शिक्षा

खुशहाली का भण्डार है शिक्षा।

 

जीवन में नई ज्योति जगाती

सपने सारे पुरा कर दिखाती।

 

हर राह आसान बनाती शिक्षा

नैतिक जीवन सिखाती शिक्षा।

 

राह आसान नहीं है इसकी

धैर्य, कर्म पहचान है इसकी।

 

अनगढ़ों को गढ़ती है शिक्षा

पत्थर को मूर्त बनाती शिक्षा

 

सरस्वती का भण्डार है निराला

इसको पाकर बन मतवाला।

 

जीवन को सुदृढ़ बनाती शिक्षा

माँ की दुआ से पलती है शिक्षा

 

जीवन व्यर्थ नहीं बनाना

शिक्षा से देश को आगे बढ़ाना है।

-पवन कुमार माली

 

शिक्षा का दीप

Poem On Education

 

दीप जलाओ शिक्षा का,

घर घर में फैले उजियारा।

अज्ञान खत्म हर कोने से,

ऐसा हो पूर्ण प्रयास हमारा।।

 

शिक्षा प्रगति की सीढ़ी है,

सुधर जाती कई पीढ़ी है।

ज्ञान का खत्म न खजाना,

चाहे जब इसे आजमाना।।

 

शिक्षा है अधिकार बताती,

नव चेतन जीवन में लाती।

शिक्षा बन जाता हथियार,

अंध विश्वास पर करे प्रहार।।

 

शिक्षा हमको सत्य बताता,

नव चेतन हममें ले आता।

मन में जगाता पूर्ण विश्वास,

जीवन है खुशहाल बनाता।।

 

शिक्षा की लौ जब जलती,

ज्ञान के पट खुल जाते हैं।

चारों तरफ़ हो जाता प्रकाश,

विकास सोपान बन जाते हैं।।

 

हर बच्चे को ही बचपन में,

पढ़ने लिखने का अधिकार।

दोस्तों संग खूब खेलें व कूदे,

मम्मी पापा का प्यार दुलार।।

-लाल देवेन्द्र कुमार

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शिक्षा

Poem On Education In Hindi

 

शिक्षा का जो मूल्य चुकाए,

तो शिक्षित होता है आदमी।

 

शिक्षा को न व्यर्थ बहाए,

तो शिक्षित होता है आदमी।

 

शिक्षा से अहंकारी न हो जाए,

तो शिक्षित होता है आदमी।

 

शिक्षा को बोझ नहीं उद्देश्य बनाए,

तो शिक्षित होता है आदमी।

 

शिक्षा पाकर माँ-बाप को न भूल जाए,

तो शिक्षित होता है आदमी।

 

शिक्षा से निज राष्ट्र का गौरव बढ़ाए,

तो शिक्षित होता है आदमी।

 

शिक्षा से बुद्धि नहीं, चरित्र बनाए,

तो शिक्षित होता है आदमी।

-सुनीता नानकानी

 

शिक्षा

Shiksha Par Kavita

 

हमें सम्पूर्ण बनाती है शिक्षा,

हमें गुप्त रहस्यों का ज्ञान देती है शिक्षा,

हमें दुर्गम पथ से उबारती है शिक्षा।

 

हमें तर्क -वितर्क सिखाती है शिक्षा,

हमें ईश्वर से भेंट कराती है शिक्षा,

हमें जीवन जीने की प्रेरणा देती है शिक्षा।

 

हमें असम्भव को सम्भव बनाती है शिक्षा,

हमें आत्मबोध कराती है शिक्षा,

हमें सतत् सीखने की कला सिखाती है शिक्षा।

 

हमें जमाने के विविध रूप दिखाती है शिक्षा,

हमें अदम्य साहस व शक्ति देती है शिक्षा,

हमें मानवता की राह दिखाती है शिक्षा।

 

हमें ज्ञान -विज्ञान का भेद बताती है शिक्षा,

हमें सद्मार्ग पर चलना सिखाती है शिक्षा,

हमें दुर्लभ विद्यार्जन करने की शक्ति देती है शिक्षा।

 

हमें अंधकारमय जीवन से मुक्ति दिलाती है शिक्षा,

हमें परमात्मा का साक्षात्कार कराती है शिक्षा,

हमें मानव रूप में परिपूर्ण बनाती है शिक्षा।

-सीमा यादव

 

शिक्षा की ज्योति

Shiksha Par Kavita

 

जो हैं अटके, भूले-भटके 

उनको राह दिखाएँगे।

ज्ञान-विज्ञान संस्कार सिखा 

शिक्षा जोत जलाएँगे।

 

शिक्षक हैं हम, 

शिक्षा की ज्योति जलाएँगे।

देश-धर्म और जात-पात से 

हम ऊपर उठ जाएँगे।

 

समता का नवगीत रचेंगे 

ज्ञान का अलख जगाएँगे।

शिक्षक हैं हम, 

शिक्षा की ज्योति जलाएँगे।

 

छूट गए जो अंधियारे में 

अब अलग नहीं रह पाएँगे।

शिक्षा के अमर उजाले में 

उनको भी हम लाएँगे।

 

शिक्षक हैं हम, 

शिक्षा की ज्योति जलाएँगे।

खेल-खेल में पढ़ना होगा, 

ढंग नए अपनाएँगे।

 

महक उठेगा सबका जीवन, 

सब बच्चे मुस्काएँगे।

शिक्षक हैं हम, 

शिक्षा की ज्योति जलाएँगे।

लोकेश्वरी कश्यप

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शिक्षा

Hindi Poem On Shiksha

 

बच्चों तुम इन्सान बनो,

पढ़-लिख कर विद्वान बनो।

 

ठीक समय पर खाना, सोना

ठीक समय विद्यालय जाना।

 

ठीक समय पर खेल-कूद कर,

खुद अपनी पहचान बनो।

 

बच्चों तुम इन्सान बनो,

पढ़-लिख कर विद्वान बनो।

 

शिक्षा देती ज्ञान सभी को,

देती है संबल जीवन को।

 

रोशन हो जिससे समाज,

ऐसा एक चिराग बनो।

 

बच्चों तुम इन्सान बनो,

पढ़-लिख कर विद्वान बनो।

डॉ. अखिलेश शर्मा

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