10+ बेहतरीन दादी [ नानी ] पर कविता | Poem On Grandmother In Hindi

Poem On Grandmother In Hindi :- आज हम यहां पर दादी मां नानी अम्मा पर बहुत ही सुंदर और प्यारी प्यारी कविता आप लोगों के समक्ष प्रस्तुत करने जा रहा हूं।

 

दादी माँ

Poem On Grandmother

 

दादी माँ का क्या कहना,

सोने-चाँदीका गहना है।

दया-धर्म की सूरत दादी,

ममता की है मूरत दादी।

 

अनुभव की गठरी है दादी,

जीवन की पटरी है दादी।

माना इनकी उम्र पकी है,

लेकिन दादी नहीं थकी है।

 

धीरे-धीरे चलती दादी,

आशीषों में फलती दादी।

पूरे घर का हाथ बंटाती,

जी-भर सब पर प्यार लुटाती।

 

दादी से घर, है घर दादी,

सबसे बड़ी धरोहर दादी।

प्यार-भरी पिचकारी दादी,

लगती माँ से प्यारी दादी।

-डॉ. रामनिवास ‘मानव’

 

दादी अम्मा

Poem On Grandmother In Hindi

 

दादी अम्मा आओ ना,

कहानी हमें सुनाओ ना।

 

गुमसुम मत रहा करो,

मन की बातें कहा करो।।

 

हम साथी, सखी-सहेली,

खुद को न समझो अकेली।

 

पापा जब देर से आएँ,

कुछ मीठी डाँट लगाएँ।।

 

मम्मी को पास बुलाना,

बात पते की जरा बताना

-बलदाऊ राम साहू

 

कहती है दादी

Poem On Grandmother In Hindi

 

चटर-पटर मत खाना भैया,

यह बतलाती हैं दादी।

 

खटर-पटर मत करना भैया

यह समझाती हैं दादी।

 

इधर-उधर मत जाना भैया,

यह सिखलाती हैं दादी।

 

पटर-पटर मत कहना भैया

यह गुर सिखाती हैं दादी।

 

मन में रखना नेक इरादे

हरदम समझती हैं दादी।

-बलदाऊ राम साहू

 

भाव जगाती है

Poem On Grandmother In Hindi

 

जीवन का गुणा-भाग दादी समझाती हैं,

गीत, कविता और कथाएँ हमें सुनाती हैं।

 

हमें सुलाने के लिए वह लोरी गाती है,

सूरज के आने से पहले हमें जगाती हैं।

 

होती है बड़ी मनोहर उनकी बोली भाषा,

ऊँच-नीच का भेद सदा वह बतलाती हैं।

 

अकूत ज्ञान का भण्डार है उनके भीतर,

जीवन का सार तत्व हमें लिखती हैं।

 

राष्ट्र धर्म ही सबसे ऊँचा कहती हैं दादी,

दया, प्रेम, मानवता का भाव जगाती है।

-बलदाऊ राम साहू

 

प्यारी नानी

Poem On Grandmother In Hindi

 

गुस्सा छोड़ो प्यारी नानी,

कहो न तुम कथा-कहानी।

मेघ कहाँ से लाता होगा,

भर-भर कर इतना पानी।

 

चंदा मामा दूर-दूर क्यों,

हमदम हमसे रहते हैं।

आसमान से सूरज दादा,

आकर क्यों वह तपते हैं।

 

हमको तुम बतलाओ नानी,

कलियाँ कैसे खिल आती।

और बाग में तितली रानी,

आकर क्यों रस पी जाती।

 

बोलो-बोलो, बोलो नानी,

सागर जल क्यों है खारा।

बादल भैया जाने क्यों,

दे जाता है पानी सारा।

-बलदाऊ राम साहू

 

नानी के पैसे

Poem On Grandmother In Hindi

 

नानी से पाए कुछ,

गाँठ में बाँधे रुपये जैसे-पैसे।

 

मेले चल दिए बिना बताए,

दही-बड़े मज़े से खाए।

 

दही गिरा कपड़ों में थोड़ा,

वही दही ने भंडा फोड़ा।

 

जब लौट के घर को आये,

डाँट लगी और डंडे खाये।

-धारा यादव

 

नानी

Poem On Grandmother In Hindi

 

नानी के घर जाऊँगा,

वहाँ पर धूम मचाऊँगा।

नानी मिठाई बनाएँगी,

गप गप कर खा जाऊँगा।

-गौरव

 

नानी का घर

Poem On Dadi

 

गर्मी की छुट्टी जब आए,

नानी घर की याद दिलाए।

झूम के गाए बचपन सारा,

नानी का घर सबसे प्यारा।

 

खेल खिलौनों में खो जाएं,

रोज़ नए फल बाग़ से लाएं।

देखें चिड़िया घर का नज़ारा,

नानी का घर सबसे प्यारा।

 

तेज हवा में पतंग उड़ा कर,

गौरैया को रंग लगाकर।

सबने मिलकर झूला डाला,

नानी का घर सबसे प्यारा।

 

खट्टा मीठा लगे अमावट,

सच्चा प्रेम है बिना मिलावट।

कितना सुंदर नदी किनारा,

नानी का घर सबसे प्यारा।

-हर्षिता सिंह

 

प्यारी दादी माँ

Dadi Maa Par Kavita

 

मेरी प्यारी दादी माँ,

प्यारी प्यारी दादी माँ।

अकेलापन जबभी सताए,

झट मुझे बुलाना दादी माँ।

 

साथ बैठके ढेर सारी बातें,

हम मज़े से करेंगे दादी माँ।।

बीमारी पर पूरी देखभाल,

हम मन से करेंगे दादी माँ।

 

डाक्टर हो या शाम की सैर,

साथ-साथ चलेंगे दादी माँ।।

उम्रभर आपने हमें है पाला,

बचपन में गिरने से संभाला।

 

लड़खड़ाए कदम जो आपके,

हम फट से संभालेंगे दादी माँ।।

प्यारी प्यारी दादी माँ,

मत घबराना दादी माँ।

-गुलफ्शाँ

 

नानी की कहानी

Poem On Grandmother

 

नानी ओ नानी

मुझे सुनाओ एक कहानी

जिसमे ना राजा हो ना रानी।

अच्छा…

 

ना राजा हो ना रानी?

बोली नानी

आओ सुनाती हूँ।

तुम्हें एक कहानी

 

हमारे गाँव में पहले थी एक नदी

जिसमें था बहुत पानी।

घने जंगल , बाग बगीचे

सब थे अपने गाँव में

 

फिर एक दिन

शहर से कुछ लोग आए अपने गाँव में

गाँव के विकास की बातें बोल

घुमा दिया सबकी बुद्धि गोल।

 

काटने लगे सब पेड़

लगा दी जंगल की ढ़ेर

हो गया बाग बगीचा सब खाली

सूख गया हमारी नदी का पानी।

 

फिर से हमें अब पेड़ लगाना है

सूखी हुई नदियों में पानी फिर लाना है।

तो बच्चों….

कैसी है ये कहानी?

इसमें ना राजा है ना रानी।

-उपासना सिन्हा

 

मेरी नानी

Poem On Grandmother In Hindi

 

मेरी नानी प्यारी नानी,

कहती थी कभी खूब कहानी,

मैं सुनता था जी भर-भरके।

 

रटता रहता नानी नानी,

माँ संग जाना खूब सुहाता,

तब स्कूल ना आड़े आता।

 

बहुत दिनों में लौट के आता,

जी भर चुपड़ी रोटी खाता,

पीता दूध, हो जैसे पानी।

 

मेरी नानी प्यारी नानी,

चिड़ा-चिड़िया भालू-बंदर,

होते थे बातों के अंदर।

 

कभी राजा-रानी के किस्से,

आते थे जो मेरे हिस्से,

लगती रातें बड़ी सुहानी।

 

मेरी नानी प्यारी नानी,

कहती थी कभी खूब कहानी,

होती अब फोन पर बातें।

 

बच्चे ना अब नानी के जाते,

घर पर ही अब पिज्जा खाते,

आज कहानी बन गई नानी।

 

कहती थी जो कभी कहानी,

मेरी नानी सबकी नानी।

-व्यग्र पाण्डे

 

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