Top 35+ Best Poem On Butterfly In Hindi | सर्वश्रेष्ठ तितली रानी पर कविता

तितली

Poem On Butterfly In Hindi

रंग- बिरंगी प्यारी तितली,

सबके मन को भाती है।

छूने की अगर कोशिश करो तो,

दूर गगन में उड़ जाती है।।

फूलों का रस चूस- चूसकर,

भोजन अपना बनाती हैं।

परिश्रम का फल मीठा होता है,

यह पाठ हमें सिखलाती हैं।।

अपनी अनेक अठखेलियों से,

बच्चों को खूब लुभाती हैं।

झुंड में उड़ती तितलियाँ,

एकता का पाठ पढ़ाती हैं।।

बच्चे हो या बड़े,

सबके मन को भाती है।

जब खुले गगन से उड़ते हुए,

हमारे पास आती है।।

जीवन आयु कम होने पर भी,

बेफिक्र जीवन जीती है।

क्षणभंगुर यह मोह- माया है,

अमर नहीं कोई प्रीति है।।

जब तक जियो सुकर्म करो,

छल- कपट से दूर रहो।

ये सब ज्ञान बताती है,

प्यारी तितली सबके मन को भाती है।।

काश मैं भी तितली होती,

खुले नभ में जी भर जीती।

जीवन कितना प्यारा होता,

सबसे जुदा और न्यारा होता।।

मोह-माया ही पास न होती,

इच्छाओं की आस न होती।

चाहतें कोई अधूरी न होती,

काश मैं भी तितली होती।।

-नंदिनी राजपूत

रानी तितली

Poem On Butterfly In Hindi

रंग बिरंगे पंखों वाली,

फूलों पर मंडराती हैं।

लेकर रस फूलों की वो,

गीत खुशी की गाती हैं।।

नभ गगन पर उड़ती रहती,

बात फूलों से करती है।

पकड़ने को हाथ बढ़ाओ

फुर्र से वो उड़ जाती हैं।।

चुन-चुन रस फूलों का लेती,

मन है हर्षित और उमंग।

बागों की सौंदर्य बढ़ाती,

सुंदर, कोमल उसके अंग।।

सज-धज कर वो आती है,

सुंदर पंख फैलाती है।

बैठ फूलों पर रानी तितली

मंद मंद मुस्काती है।।

वन, उपवन में विचरण करती,

आखेटन से वो है डरती।

हम बच्चों की प्यारी तितली,

लगती सुंदर रानी तितली।।

-प्रीतम कुमार साहू

तितली रानी

Poem On Butterfly In Hindi

एक थी तितली रानी,

सुंदर और सुहानी।

पंख पखारे आती है,

बाग में वह मुस्काती है।।

सुंदर -सुंदर पंखों से,

बड़ी वह इतराती है।

डाल-डाल पर जाकर,

अपनी चाल दिखाती है।।

फूल-फूल पर बैठ कर,

पराग चूस वह खाती है।

परियों से भी वह सुंदर,

अपनी शान दिखाती है।।

मन ही मन तितली रानी,

सुंदर वह मुस्काती है।

बच्चों की मन को वह,

बड़े प्यार से भाती है।।

-संतोष कुमार साहू

तितली रानी

Poem On Butterfly In Hindi

रंग बिरंगी न्यारी-न्यारी,

मेरी प्यारी तितली रानी।

इधर-उधर वह उड़ती रहती,

करती रहती है मनमानी।

मन करता है इनको छू लूँ,

अपने घर में इनको रख लूँ।

पास बिठा के इन्हें खिलाऊँ,

इनकी दुनिया में रँग जाऊँ।

-लक्ष्मी सोनी

तितली रानी

Poem On Butterfly In Hindi

तितली रानी, तितली रानी

कितनी सुंदर लगती हो।

पंख तुम्हारे रंग-बिरंगे,

फूलों को देख मुस्कुराती हो।

तितली रानी, तितली रानी

कितनी सुंदर लगती हो।

कभी इस डाल कभी उस डाल

फूलों पर मंडराती हो।

तितली रानी, तितली रानी

कितनी सुंदर लगती हो।

-के शारदा

तितलियाँ गायब

Poem On Butterfly In Hindi

सजी धजी तितली जब आती,

सबके मन को वह बहलाती।

फूलों से लेकर रंग सुहाने,

तितली खुद को खूब सजाती।

चले हवा जब खुशबू वाली,

बगिया में तितली इठलाती।

जब आता अंधड़ तूफानी,

तितली पेड़ों में छुप जाती।

बच्चे भागें उसे पकड़ने,

पर तितली हाथ न आती।

उजड़े बाग़ तितलियाँ गायब,

अब किताब तितली दिखलाती।

-महेंद्र कुमार वर्मा

तितली

Poem On Butterfly In Hindi

नन्हीं तितली डोल रही थी,

फूलों को वो तोल रही थी।

रंग बिरंगे फूलों से वो,

हंस के नाता जोड़ रही थी॥

थोड़ा सा मैं रस पी लूँगी,

पंख पराग से भर लूँगी।

दूजे फूलों पे जाकर मैं,

यह पराग कण उनको दूंगी।।

इठलाते पौधे भी उसको,

अपने पास बुलाते होंगे।

अपने बीजों को तितली से,

चहुं ओर बिखराते होंगे।।

कैसी अदभुत क्रीड़ा करते,

रंग प्रकृति में हैं भरते।

लाते हैं मुस्कान लबों पर,

छोटे से यह कीट पतंगे।।

-अणिमा उपाध्याय

तितली रानी

Poem On Butterfly In Hindi

ओ प्यारी-सुंदर तितली रानी,

तुम लगती कितनी प्यारी हो।

जी बहलाना, मन मचलाना,

तितली रानी तुम करती हो।

ओ प्यारी- सुंदर तितली रानी,

तुम लगती कितनी प्यारी हो।

पास क्यों नहीं आती हो तुम,

दूर हमसे क्यों तुम रहती हो।

ओ प्यारी -सुंदर तितली रानी,

तुम लगती कितनी प्यारी हो।

चूसकर फूलों के रस को तुम,

रँग लेती हो अपने पंखों को।

ओ प्यारी- सुंदर तितली रानी,

तुम लगती कितनी प्यारी हो।

-प्रिया चतुर्वेदी

तितली

Hindi Poem On Butterfly

रंग बिरंगी होती तितली,

फूलों का रस हैं पीती तितली।

जब कभी इन्हें पकड़ना चाहो,

झट से हैं उड़ जाती तितली।।

ये तितली हैं कितनी प्यारी,

सुन्दर-सुन्दर,न्यारी-न्यारी।

फूलों की हैं शोभा बढ़ाती,

बच्चों को हैं खूब हर्षाती।।

वन उपवन में रहती तितली,

जरा सुनो क्या कहती तितली।

तुम भी जीवन में रंग भरो,

अपने भविष्य को उज्जवल करो।।

-नौरीन फात्मा


तितली बड़ी सयानी है

Poem On Butterfly In Hindi

तितली बड़ी सयानी है,

फूलों की दीवानी है।

खुश होती तो इठलाती,

बगिया की वो रानी है।

उसके पंख सुहाने से,

रंगों भरी कहानी हैं।

लड़ती नहीं कभी भी वह,

सीधी सरल सुहानी है।

सारे बच्चों की उससे,

लगता प्रीत पुरानी है।

फूलों के पीछे छुपती,

चतुराई की नानी है।

सज धज के जब भी आती,

कौन कहे अनजानी है।

-महेंद्र कुमार वर्मा


तितली रानी

Poem On Butterfly

फूलों के संग तितली बोली।

पत्तों के संग कलियां डोली।

चिड़िया भी चीं-चीं कर घूमी,

खुशबू ने अब खोली झोली।

मधुमक्खी भी रस में डूबी।

फूलों की है अद्भुत खूबी।

किरणें उतरी आसमान से,

ओस की बूंदें फूल पर डोली।

धरती पर खुशहाली छाई।

सरिता ने भी ली अंगडाई।

व्यर्थ न तोड़ो फूल ये बच्चों,

तितली रानी हँसकर बोली।

गीत प्यार के गाना सीखो।

फूलों सा मुस्कुराना सीखो।

सुख में दुख में संग रहो,

कोयल कुहू कुहू कर बोली।

-कमलसिंह चौहान

तितली रानी

Poem On Butterfly

तितली रानी बड़ी सयानी,

उपवन की तुम हो महारानी।

बगिया में तुम घूम-घूमकर,

करती फूलों की रखवाली।।

फूलों का पीकर रस,

तुम अपना जीवन चलाती।

इस फूल से उस फूल पर,

दिनभर तुम हो मंडराती।।

खिलखिलाता चमन रहता,

जब तुम अपने पंख फैलाती।

तुम्हें देख भंवरे भी झूमे,

तुम ऐसी छटा बिखराती।।

-कीर्ति श्रीवास्तव

तितली रानी तितली रानी

Titli Rani Poem In Hindi

तितली रानी तितली रानी

पास मेरे तुम आओ ना।

कितने सुन्दर पंख तुम्हारे

मुझको भी दिखलाओ ना।

तितली बोली दूर से देखो

पास नहीं मैं आऊंगी

पास अगर तुम आओगे तो

दूर बहुत उड़ जाऊंगी

पीछे पीछे दौड़ो मेरे

उड़ना तुम्हें सिखाऊंगी

परीलोक में घर है मेरा

साथ तुम्हें ले जाऊंगी

-डॉ. जगदीश पंत ‘कुमुद’

तितली रानी

Hindi Poem On Butterfly

रंग बिरंगे पंखों वाली,

प्यारी-प्यारी लगती हो।

फूलों पर मंडराने वाली,

बच्चों को हर्षाती हो।।

उड़ जाती हो पंख फैलाकर,

दूर देश से घूमकर आती हो।

फूलों से रस निकालकर,

वापस घर को जाती हो।।

डाल डाल पर जाने वाली,

सबकी मित्र कहलाती हो।

हाथ किसी के ना आने वाली,

पकड़ो तो दूर उड़ जाती हो।।

-हेमलता यादव

प्यारी तितली

Poem On Butterfly

जग में कितनी न्यारी तितली।

लगती सबको प्यारी तितली।।

सबके मन को भाती तितली।

सबको पास बुलाती तितली।।

बाग-बगीचों में आ-आ कर।

फूलों पर मंडराती तितली।।

लाल, गुलाबी, नीली, पीली।

सब रंगों में आती तितली।।

प्रेम-सुधा बरसाती तितली।

सतरंगी मदमाती तितली।।

पौधों से बतियाती तितली।

मन सबका हर्षाती तितली।।

-मनमोहन अग्रवाल

तितली

Poem On Butterfly In Hindi

तितली रानी तितली रानी,

फूलों की हो तुम महारानी।

फूलों में छिप जाती हो,

सबके मन को भाती हो।

कभी ना मेरे घर आती हो,

फूलों पर मंडराती हो।

फूलों का रस पी जाती हो,

कितना सुन्दर रूप तुम्हारा

सबके मन को भाती हो।

कितनी भी कर ले कोशिश,

पर हाथ किसी के न आती हो।

-प्रीती कुमारी

तितली

Poem On Butterfly In Hindi

पास हमारे,

प्यारी तितली आओ,

हाल सुनाओ।

क्या कहती हो,

कलियों के कानों में,

हमें बताओ।

पंख तुम्हारे,

रंग बिरंगे प्यारे,

पास तो आओ।

घूम रही हो,

वन – उपवन में,

हमें घुमाओ।

पढ़ – लिख लो,

कुछ साथ हमारे,

मस्ती से गाओ।

रूठ गयी है,

नन्हीं – मुन्नी गुड़िया,

जरा हँसाओ।

-गौरीशंकर वैश्य विनम्र

तितली आ

Poem On Butterfly In Hindi

तितली आ, तितली आ

दूर देश से, तितली आ,

फुर्र फुर्र करती उड़ती आ

बाग-बाग से तितली आ।

तितली आ, तितली आ

आसमान से तितली आ,

फूल-फूल पर, कली-कली पर

मंडराती, इतराती आ।

तितली आ, तितली आ

जंगल पहाड़ से तितली आ,

रंग विरंगी, तितली आ

परी लोक से तितली आ।

तितली आ, तितली आ

सपनों का गीत गाती आ,

फूलों का गंध चुराती आ

मेरे आँगन में तितली आ।

तितली आ, तितली आ

नानी का सन्देशा ला,

दादी के पकते बालों पर

हँसती, मुझे हँसाती आ।

-ज्योति कुमारी

तितली रानी

Poem On Butterfly In Hindi

तितली रानी तितली रानी

लगती हमको बड़ी सयानी

रंग-बिरंगे पंखों वाली,

दूर-दूर उड़ती मस्तानी।

फूलों पर मँडराती तितली।

इनसे नेह निभाती तितली।

हरदम केवल फूलों से ही,

हँसती और बतियाती तितली।

फूलों की है आली तितली।

शोभा लिये निराली तितली।

पी-पीकर फूलों का रस ही,

होती है मतवाली तितली।

तितली से हम सभी निखर लें।

तन मन अपना निर्मल कर लें।

खुशियाँ दे और खुशियाँ पाएँ,

ईश्वर से हम ऐसा वर लें।

-उदय मेघवाल ‘उदय’

तितली

Titli Par Kavita

फूल-फूल पर डोले तितली,

मन की गठरी खोले तितली।

रंग मिले हैं प्यारे-प्यारे,

पीछे भागते बच्चे सारे।

बगिया-बगिया उपवन-उपवन,

बिखराती मुस्कानों का धन।

पास न लाती जरा उदासी,

चुस्ती तन में अच्छी-खासी।

पंखों पर हमको बैठाओ,

नीलगगन की सैर कराओ।

क्या खाती हो, कितना खाती,

हमें समझ यह बात न आती।

माँ ने है चिट्ठी भिजवाई,

घर आ ले लो दूध-मलाई।

-घमंडीलाल अग्रवाल

तितली

Hindi Poem On Butterfly

रंग बिरंगी तितली,

सब बच्चों को भाती है।

पीती है फूलों का रस,

ये फूलों पर मंडराती है।

इसके पंख देखकर,

बच्चे खुश हो जाते हैं।

इसे पकड़ने के लिए,

बरबस दौड़ लगाते हैं।

-उपासना तिवारी

तितली रानी

Poem On Titli Rani

रंग बिरंगी न्यारी-न्यारी,

मेरी प्यारी तितली रानी.

इधर-उधर वह उड़ती रहती,

करती रहती है मनमानी.

मन करता है इनको छू लूँ,

अपने घर में इनको रख लूँ.

पास बिठा के इन्हें खिलाऊँ,

इनकी दुनिया में रँग जाऊँ.

-लक्ष्मी सोनी

तितली और कली

Poem On Titli Rani

तितली आई उड़ते-उड़ते,

और कली से बोली।

बंद किये क्यों बैठी दीदी,

आँख, क्यों नहीं खोली।

कहा कली ने मैं तो सुन्दर,

सपनों में खोई थी।

रात चन्द्रमा की किरणों के,

बिस्तर पर सोई थी।

आ गई हो तुम, तो अब झट से,

फूल बनी जाती हूँ।

मीठा-मीठा और सुगंधित,

रस भी पिलवाती हूँ।

-प्रभुदयाल श्रीवास्तव

तितली रानी

Titli Rani Poem In Hindi

तितली रानी तितली रानी

बैठी फूलों पर इठलाती।

चूस-चूस फूलों का रस

रंग अनोखा रूप सजाती।।

चुरा-चुरा रंग फूलों का

मन मोहक पंख फुलाती।

मौने कहा पास आ मेरे

प्यार करेंगे रे मदमाती।

श्रीश उड़ी दूर जा बैठी

बोली हट तू है आघाती।।

-लक्ष्मी नारायण गुप्त ‘श्रीश’

तितली रानी

Poem On Butterfly

तितली रानी तितली रानी,

बहुत भली तुम लगती हो।

सुबह-शाम उड़ती रहती,

कब सोती कब जगती हो।

रंग-बिरंगे रूप तुम्हारे,

सबका मन लुभाती हो।

छूने जो तुम्हें हाथ बढ़ाओ,

शरमाकर उड़ जाती हो।

फूलों का रस चूस-चूसकर,

मनुहर काया बनाई हो।

फूलों संग अंतर्मन में,

सबके तुम ही समाई हो।

फूल पराग तुम्हें भातें,

सबका मन तुम हर्षाते।

घर द्वारे आँगन आते,

बच्चों को तुम खूब लुभाते।

इस डाली से उस डाली,

पूरी बगिया घूमकर आई हो।

आसमान के इंद्रधनुष जैसे,

अनगिन रंगों से नहाई हो।

तितली तुम हो सबको प्यारी,

लगती हो तुम न्यारी – न्यारी. .

उड़ती रहती क्यारी – क्यारी,

तुम लगती बगिया की रानी.

-महेन्द्र साहू “खलारीवाला”

तितली

Titli Rani Poem In Hindi

रंग-बिरंगी तितली,

सबके मन को भाती है।

पकड़ना चाहो इसे अगर,

उड़कर चले जाती है।

मैं भी यदि तितली होता,

दूर की सैर कर आता।

होमवर्क न करना होता,

तब मजा बहुत आ जाता।

-हर्ष

तितली-रानी

Titli Rani Par Kavita

सुन्दर लगती तितली-रानी,

पर करती अपनी मनमानी।

फूल-फूल पर घूमे भैया,

फूलों को ही चूमें भैया।

इधर आओ ना मेरे पास-

कब से लगा रखी है आस।

बैठो तुम हाथों पर मेरे,

स्कूल चलेंगे साथ सवेरे।

-प्रमोद गुप्त

तितली रानी

Titli Rani Par Poem

तितली रानी तितली रानी

बैठी फूलों पर इठलाती।।

चूस-चूस फूलों का रस

रंग अनोखा रूप सजाती।।

चुरा-चुरा रंग फूलों का

मन मोहक पंख फुलाती।।

मौने कहा पास आ मेरे

प्यार करेंगे रे मदमाती।।

श्रीश उड़ी दूर जा बैठी

बोली हट तू है आघाती।।

-लक्ष्मी नारायण गुप्त ‘श्रीश’

तितली

Poem On Titli

लाल-गुलाबी प्यारी तितली,

सबसे छोटी न्यारी तितली।

सुन्दर-सुन्दर पंखों वाली,

यह है राज दुलारी तितली।

फूल बहुत है इसको प्यारे,

खुश्बू की अधिकारी तितली।

बच्चे पीछे-पीछे दौड़े,

हाथ नहीं पर आरी तितली।

छुओ जरा तो टूटे पंख,

इतनी है सुकुमारी तितली।

देखे पक्षी तो डर जाती,

ऐसी है बेचारी तितली।

-जाकिर अली ‘रजनीश’

तितली आई

Poem On Butterfly In Hindi

तितली आई जब बगिया में,

भौरे भी तो आए।

तितली आई चुपके-चुपके,

भौरे गीत सुनाए।

तितली आई जब बगिया में,

कलियाँ भी मुस्काई।

धीरे-धीरे फूल खिले तब,

मुनिया दौड़े आई।

तितली आई जब बगिया में,

बच्चे भी तो आएँ।

तितली उड़ी कहीं दूर तक,

वे भी दौड़ लगाएँ।

-बलदाऊ राम साहू

तितली

Poem On Butterfly In Hindi

तितली आई कहीं से उठकर,

भौंरों ने देखा तब मुड़कर।

रंग-बिरंगी पंखों वाली,

कुछ पीली कुछ है काली।

फूलों पर आकर बैठ गई,

वे रस चूसकर ऐठ गईं।

भौरे तो काले-काले थे,

मदमस्त मौले मतवाले थे।

कुछ ने तो खूब रौब दिखाया,

बाकी ने उनको समझाया।

-बलदाऊ राम साहू

तितली

Poem On Butterfly In Hindi

नए साल को नव रंगों से,

खूब सजाने आई तितली।

बगिया के नव फूलों पे,

प्रीत लुटाने आई तितली।

नए साल की देख बहारें,

मन-ही-मन हरसाई तितली।

नए साल में लगे हैं मेले,

देख-देख मुस्काई तितली।

मेले में थे चाट चटपटे,

खुशबू से ललचाई तितली।

देख तमाशे नए साल के,

खुशियों से इठलाई तितली।

-महेंद्र कुमार वर्मा

तितली रानी

Poem On Butterfly

कितनी प्यारी तितली रानी, 

रंग-बिरंगे पंख तुम्हारे ।

कितने प्यारे कितने न्यारे, 

उड़-उड़ जाती फूलों पर, 

सबका रस पी जाती हो।

हाथ लगाओ उड़ जाती हो, 

बच्चों का मन ललचाती हो, 

हाथ नहीं तुम आती हो।

तितली रानी, तितली रानी , 

सबका मन बहलाती हो।

-बृजबाला गुप्ता

तितलियों

Poem On Butterfly

तितलियों तुम्हारे नगर में,

है क्या रंगों की फैक्टरी।

कौन है मैनेजर तुम्हारा,

किसको बनाया है सेक्रेटरी।।

कौन है रचयिता तुम्हारा,

रंगता है कौन तुम्हारे पर,

और किसने बसाया है,

रंग-बिरंगा तुम्हारा ये नगर।।

हर फूल पर तुम बैठकर,

क्या गुनगुनाती हो।

चुपके से उनके कान में,

क्या कहकर जाती हो।।

सुनकर जिसे हर फूल पर,

मुस्कान आती है।

उनकी यह मुस्कान प्यारी,

मन को भाती है।।

इस कदर तुम चपल-चंचल,

पकड़ में नहीं आती।

पास आते ही मेरे,

तुम झट से उड़ जाती।।

-रेनू भटनागर

तितली रानी तितली रानी

Poem On Butterfly In Hindi

तितली रानी तितली रानी

पास मेरे तुम आओ ना!

कितने सुन्दर पंख तुम्हारे

मुझको भी दिखलाओ ना!

तितली बोली दूर से देखो

पास नहीं मैं आऊंगी

पास अगर तुम आओगे तो

दूर बहुत उड़ जाऊंगी

पीछे पीछे दौड़ो मेरे

उड़ना तुम्हें सिखाऊंगी

परीलोक में घर है मेरा

साथ तुम्हें ले जाऊंगी

-डॉ. जगदीश पंत ‘कुमुद’

तितली और कली

Poem On Titli Rani

हरी डाल पर लगी हुई थी,

नन्ही सुंदर एक कली।

तितली उससे आकर बोली,

तुम लगती हो बड़ी भली।

अब जागो तुम आँखें खोलो,

और हमारे संग खेलो।

फैले सुंदर महक तुम्हारी,

महके सारी गली गली।

कली छिटककर खिली रंगीली,

तुरंत खेल की सुनकर बात।

साथ हवा के लगी भागने,

तितली छूने उसे चली।

नन्ही तितली

Poem On Butterfly In Hindi

अपनी ही दुनिया मे कोई थी, तितली

सपने हजारों संजोये थी, तितली

उड़ने को बैखौफ निकली थी, तितली

इन्द्रधनुष को पकड़ने को, तितली

दरिंदों ने उसके सपनों को तोड़ा,

उड़ने से पहले ही पंखों को मरोड़ा,

बेदम होकर पस्त हुई, तितली

अस्तित्व अपना खोती हुई, तितली

एक तितली पर कई-कई थे झपटे

कहो किस तरह वो नाजुक-सी, निपटे

तोड़ा मरोड़ा था जी भर के, उसको

मौत के हवाले किया था, फिर उसको

इन्सानी शक्ल मे क्या दानवों का है रुप धर

जो भगवान से भी नही लगता है इनको डर

कभी तो घड़ा पापों का इनके भरेगा

कभी तो न्याय नियति का होगा

कब तक ये सब यूँ ही चलेगा

बेदर्दी का आलम ऐसे ही बढ़ेगा

कहाँ खो गया वो शिक्षित समाज

क्या सो गया वो चैतन्य समाज

चमक अपने पंखों की खोती हुई, तितली

फूलों की दुनिया से दूर होती हुई, तितली

यदि अभी भी समझ में ना आई

वसुंधरा पर फिर ये ना देगी, दिखाई

जो बातें करते हम समानता की

समानता तो दूर, पहले सम्मान तो दो

उसके हिस्से का आसमाँ तो उसे दो

उस छोटी सी तितली को उड़ने तो दो

देखो वो क्या कर जायेगी, ज़िन्दगी में

रंग सारे जहां के चमका जायेगी, ज़िन्दगी में

फूल सारे गुलिस्ताँ के महकायेगी बहारो में

नाम रोशन कर जायेगी, हजारों में

सोचो जरा तो ,जरा तो गौर करो

ईश्वर की इस कृति को जरा तो ठौर दो.

-ऋतु गुप्ता

तितली

Poem On Titli Rani

रंग बिरंगी होती तितली,

फूलों का रस हैं पीती तितली।

जब कभी इन्हें पकड़ना चाहो,

झट से हैं उड़ जाती तितली।।

ये तितली हैं कितनी प्यारी,

सुन्दर-सुन्दर,न्यारी-न्यारी।

फूलों की हैं शोभा बढ़ाती,

बच्चों को हैं खूब हर्षाती।।

वन उपवन में रहती तितली,

जरा सुनो क्या कहती तितली।

तुम भी जीवन में रंग भरो,

अपने भविष्य को उज्जवल करो।।

-नौरीन फात्मा 

अगर जानती गाना तितली

Poem On Butterfly In Hindi

लिए तानपुरा फिरता

तब पवन बाग़ में

पत्तों का तबला भी

बजता संग राग में।

कान फूल सब लगवा लेते

अगर जानती गाना

तितली।

मोर नाचता पैरों में

धुंघरू बंधवा कर

डेरा वहीं डालता

काला भौंरा जा कर।

अजब हाल कोयल का

होता

अगर जानती गाना

तितली।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको यह Top 35+ Best Poem On Butterfly In Hindi – सर्वश्रेष्ठ तितली रानी पर कविता पसंद आई होगी, इन्हें आगे शेयर जरूर करें। आपको यह कैसी लगी, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

👉हमारे इस ज्ञान की नगरी वेबसाइट पर बेहतरीन हिंदी कविताएँ का संग्रह उपलब्ध कराया गया है, आप जों कविताएं पढ़ना चाहते हैं यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं –

हिन्दी कविता

नया साल 2022 गणतंत्र दिवस सरस्वती वंदना
सरस्वती माॅं विद्यालय प्रेरणादायक कविता
होली पर्व शिक्षक दिवस हिन्दी दिवस
प्यारी माॅं प्रकृति पर्यावरण
स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति वीर सैनिक
अनमोल पिता सच्ची मित्रता बचपन
चिड़िया रानी नदी चंदा मामा
सर्दी ऋतु गर्मी ऋतु वर्षा ऋतु
वसंत ऋतु तितली रानी राष्ट्रीय पक्षी मोर
राष्ट्रीय फल आम कोयल फूल
पेड़ सूर्य बादल
दीप उत्सव दिवाली बंदर पानी
योग दिवस रक्षाबंधन चींटी रानी
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी लाल बहादुर शास्त्री किसान
मजदूर दिवस प्यारी बेटी बाल दिवस
गंगा नदी शिक्षा गाॅंव
नारी शक्ति गौरैया अनमोल समय
जाड़ा दादाजी दादी मां
किताब बाल कविता बालगीत
रेलगाड़ी Class 1 Class 2
Class 3 Class 4 Class 5

Leave a Comment