Top 39+ Best Poem On Patriotic In Hindi | देशभक्ति पर सर्वश्रेष्ठ कविताएं

देशभक्ति

Poem On Patriotic In Hindi

मन में महके इस मिट्टी की खुशबू,

तन में चहके इस धरती का रंग।

मातृ भूमि सेवा समर्पण के लिए,

हर दिल में रहें नयी उमंग।

आँच न आवे अपने वतन पर,

मिलजुल कर जो करें जतन।

आँख उठाये जो देश के दुश्मन,

कर दे हम उन, सबको खत्म।

जिये तो सदा इस अभिमान से,

बेटे हैं हम हिंदुस्तान के।

बेटे का फर्ज हम निभाएंगे,

इस मिट्टी का कर्ज चुकाएंगे।

तन- मन क्या ये जान है अर्पित,

वतन के लिए हम पूर्ण समर्पित।

सौ बार जन्म लूँ,

तेरा ही लाल रहूँ माँ।

हर जन्म में सैनिक बन,

दुश्मन का काल रहूँ माँ।

सागर की लहरों में लहराये,

ऊंचे आसमान में फहराये।

अपनी भारत माता का झन्डा,

शान से फहराये प्यारा तिरंगा।

बापू ने दिया यही नारा,

मातृभूमि हो जान से प्यारा।

कभी नहीं चाहे हम,

लड़ाई, दंगा और क्रांति।

रहे सलामत देश दुनिया,

सत्य, अहिंसा और शान्ति।

दिनेश कुमार चन्द्राकर

भारत के लाल हैं हम

Poem On Patriotic

भारत के लाल हैं हम खेलेंगे जान पे,

पीछे हटेंगें नहीं आँधी और तूफान से,

हाथों में लेके तिरंगा निकलेंगें शान से।

वीर भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु,

हम हैं नेताजी सुभाष से सेनानी।

वतन के वास्ते देंगे अपनी कुर्बानी,

फांसी झूले हम झूला समझकर।

अपनी ऐसी तूफानी है कहानी,

पीछे हटेंगें नहीं कभी भी हम,

किसी भी फांसी के डर से।

झांसी की रानी,इन्दिरा गांधी, किरण बेदी,

मदर टेरेसा, कल्पना चावला हम बनकर।

काम करेंगे हम सब मन से तनकर,

देश की खातिर अर्पण कर देंगें हम सब

तन मन धन न्योछावर इस पर अपना।

शीश कटा देंगें खामोशी से हम अपना,

भारत माता की आन-बान और शान पे।

भारत के लाल हैं हम खेलेंगे जान पे,

पीछे हटेंगे नहीं आँधी और तूफान से,

हाथों में लेके तिरंगा निकलेंगे शान से।

-अलका शर्मा

माथे का चंदन

Poem On Patriotic In Hindi

रज-कण है माथे का चंदन,

ये भूमि है रत्नों की खान।

जन-जन करते माँ का वंदन,

चेहरे पर रखते हैं मुस्कान।

मिलजुल कर बढ़ाना है हमें,

अपनी मातृभूमि का मान।

इसके सम्मान के खातिर,

चाहे चली जाए जान।

आँच न आने देंगे कभी,

बढ़ाएँगे सदा इसकी शान।

निज सुख का त्याग करें,

देश है स्वर्ग से भी महान।

देश सेवा सबसे बड़ा धर्म,

बढ़ती रहे इसकी आन-बान।

विश्व में इसका परचम लहराए,

गाए सभी गौरव गान।

-अनिता चन्द्राकर

चलो हम अपना कर्तव्य निभायें

Poem On Patriotic In Hindi

आज चलो हम,

देशभक्ति का पाठ पढ़ायें।

सोए हुए हृदयों में,

स्नेह और करूणा का जल भर आये।

कोई ना लूटे किसी का सुख चैन,

आपस में भाईचारे का,

बांध इतना मजबूत बनाये।

चलो हम अपना कर्तव्य निभाये।

कोई भ्रष्टाचारी ना पैदा हो,

ऐसा बीज नन्हे मुन्नों के मन में रोप आयें।

वसुंधरा की पवित्रता को,

कायम रखने के लिये।

हम अपने नवनिहालो को,

स्वच्छता का अर्थ समझायें।

चलो हम अपना कर्तव्य निभायें,

देश की बाहरी सीमा हो या भीतरी मैदान।

हर जगह देशभक्ति का दीप जलायें,

अपने विद्यार्थियों को,

सेना का त्याग समझायें।

सब बच्चो के मन में ऐसी लहर बहायें,

हर कोई लेकर दौड़े शमशीर।

जब देश पर संकट आये,

चलो हम अपना कर्तव्य निभायें।

-तृप्ति शर्मा

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