19+ भारतीय तिरंगा पर कविता | Poem On Tiranga In Hindi

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Poem On Tiranga In Hindi :- आज के पोस्ट में भारतीय तिरंगा ध्वज पर सुंदर और बेहतरीन कविता आपके साथ साझा किया जा रहा हैं। और यह कविता आपको पसंद आएं तो दोस्तों के साथ अवश्य साझा करें। धन्यवाद!!!

 

Poem On Indian Flag In Hindi

 

तिरंगा

Poem On Tiranga In Hindi

 

तीन रंगों का झंडा,

झंडा देश की शान है।

भारत माता की निशानी,

हम सबकी पहचान है।

 

ऊँचे आसमाँ पे फहरे,

नीचे जमीं पे नहीं ठहरे।

भारत माता की आन-बान,

तिरंगा भारत की जान है।

 

प्रतीक केसरिया बलिदानी,

सुख-शांति श्वेत रंग निशानी।

हरा रंग दे जाए हरियाली,

भारत माता की बात निराली।

 

आओ हम सब मिलकर,

तिरंगा फहर-फहर फहराएं।

तिरंगा ऊँचे नील गगन में,

शान से लहर-लहर लहराए।

-महेन्द्र साहू

 

तिरंगा

Poem On Tiranga In Hindi

 

पूरे भारत देश में,

उड़े तिरंगा आज।

रंग-बिरंगा आसमाँ,

हमको तुम पर नाज।।

 

हमको तुम पर नाज,

गीत खुशियों के गाते।

धरा हमारी शान,

साथ झंडा फहराते।।

 

झूमे-नाचे लोग,

खुशी बिन रहे अधूरे।

आता है जब पर्व,

होत है सपने पूरे।।

 

तिरंगा हाथ में,

फहराते सब साथ।

भारत माँ के सामने,

सभी झुकाते माथ।।

 

सभी झुकाते माथ,

नमन वीरों को करते।

हुए देश पर बलिदान,

दुश्मन से लड़ते।।

 

देश हुआ आजाद,

फूल की बहती गंगा।

भारत बने महान,

फहरता आज तिरंगा।।

-प्रिया देवांगन

हमारा तिरंगा

Poem On Tiranga In Hindi

 

लहर लहर लहराये तिरंगा,

सबके मनको भाये तिरंगा।

मस्त हवाओं के झोकों संग,

प्रेम सुधा बरसाये तिरंगा।

 

रंग केसरिया है बलिदानी,

दोहराता वीरों की कहानी।

श्वेत रंग है इसका प्यारा,

यह है शान्ति दूत हमारा।

 

रंग हरे से हरियाली है,

देश मेरे में खुशहाली है।

चक्र अशोक बीच होने से,

शोभा और बढ़ाये तिरंगा।

-मुसाफ़िर देहलवी

 

तिरंगा ध्वज

Poem On Tiranga In Hindi

 

इन नन्हें-नन्हें हाथों से

तिरंगा थाम चला ऐसे.

या मानो कोई शेर बबर

शिकार झपटता हो जैसे।

सीना ताने वज्र कठोर

पांवों में पवन समाया हो,

देशप्रेम का रग-रग में

लाल खून गरमाया हो

केसरिया कहता कुर्बानी

श्वेत शान्ति का पूजक है.

चक्र हमारा गतिमान

हरा समृद्धि सूचक है।

गौरव से कर सिर ऊँचा

राष्ट्र ध्वज को लहराये.

याद शहीदों की कर के

हर वर्ष तिरंगा फहराये।

-मोती विमल

वतन हमारा

Poem On Tiranga In Hindi

 

रिश्ता वतन से है,

मजबूत हमारा।

प्राणों से अतिप्रिय है,

वतन हमारा।।

तीन रंगों का ध्वज है तिरंगा,

सबसे प्यारा।

त्याग, शांति और हरियाली देता,

तिरंगा हमारा।।

जल, थल और नभ से तैयार है,

वतन हमारा।

वीर जवानों की रक्षा से,

मुस्कुराएँ वतन हमारा।।

रिश्ता वतन से है,

मजबूत हमारा।

प्राणों से अतिप्रिय है,

वतन हमारा।।

भिन्न-भिन्न धर्मो का है,

वतन हमारा।

भिन्न-भिन्न त्योहारों का है,

वतन हमारा।

संस्कृति से परिपूर्ण है,

वतन हमारा।

रिश्ता वतन से है,

मजबूत हमारा।

प्राणों से अतिप्रिय है,

वतन हमारा।।

भिन्न-भिन्न भाषाओं का हैं,

वतन हमारा।

सुमधुर भाषाओं से प्रिय है,

वतन हमारा।

भिन्न-भिन्न नदियों का है,

वतन हमारा।

जल की धाराओं से गूंजे,

वतन हमारा।

रिश्ता वतन से है,

मजबूत हमारा।

प्राणों से अतिप्रिय है,

वतन हमारा।

-जितेन्द्र कुमार

आज तिरंगे को फहरायें

Poem On Tiranga In Hindi

कुटिया से महलों तक आओ,

आज तिरंगे को फहरायें।

आज तिरंगे के नीचे हम,

राष्ट्रगीत मिल-जुल कर गायें।

बापू-नेहरू के सपनों को,

आओ हम पूरा करवायें।

आँच न आये आजादी पर,

आज तिरंगे को फहरायें।

तोड़ फोड़ है बात बुरी,

चलकर सबको हम समझायें।

निर्माणों की बात करें हम,

आज तिरंगे को फहरायें।

मानवता हो धर्म हमारा,

मजहब कभी न आड़े आये।

रोशन नाम करें भारत का,

आज तिरंगे को फहरायें।

-शिवनारायण सिंह

 

हमारी शान तिरंगा

Poem On Tiranga In Hindi

तिरंगा हमारे देश की,

आन बान और शान है।

यही हमारी आजादी,

की पहचान है।

तिरंगे में बसता,

हमारा स्वाभिमान है।

इसी तिरंगे के लिए,

कितने वीरों ने अपने।

जान गवाएं हैं, और इस देश को,

दुश्मनों से बचाया है।

तिरंगे के आगे हम,

शीश झुकाते।

जन गण मन का गीत हैं गाते,

स्वतंत्रता दिवस या।

गणतंत्र दिवस का,

दिन जब आता है।

हम सबमें,

जोश भर जाता है।

चारों ओर,

उमंग छा जाता है।

तिरंगे का हम,

करते मान।

उनको देते हम सम्मान,

तिरंगे में बसता।

हमारा स्वाभिमान।

-ममता रानी

तिरंगे को सलाम

Poem On National Flag In Hindi

हर छात्र सजा धजा है।

ढमढम बैंड बजा है।।

बिगुल भी अविराम

तिरंगे को फहराया है।।

उसको करें प्रणाम।

अदब से करें सलाम।।

यह कैसा है संयोग।

देख रहे सारे लोग।।

इन्द्रधनुष भी निकला

सतरंगा लिए ललाम।।

उसको करें प्रणाम।

अदब से करें सलाम।।

आजादी के गूंजे तराने।

हम सुन के सीना ताने।।

जोश उमंग उत्साह की

लहरें उठती उद्दाम।।

उसको करें प्रणाम।

अदब से करें सलाम।।

-गफूर ‘स्नेही’

तिरंगा

Poem On National Flag In Hindi

भारत की पहिचान तिरंगा

जन-गण-मन की शान तिरंगा।

केसरिया, सफेद, हरा है

जग में है द्युतिमान तिरंगा।

विद्यमान है जल-थल-नभ में,

गाता है जयगान तिरंगा।

सीमाओं पर रक्षा करते,

वीरों का अभिमान तिरंगा।

त्याग-समर्पण भाव जगाता,

सिखलाता बलिदान तिरंगा।

कभी देश को आंच न आए,

देता है वरदान तिरंगा।

देश-धर्म पर बलि -बलि जाएँ,

करता है आह्लान तिरंगा।

व्रती और कर्मठ जन-जन से,

चाह रहा सम्मान तिरंगा।

-गौरीशंकर वैश्य विनम्र

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