Top 51+ Best Poem On Independence Day In Hindi | स्वतंत्रता दिवस पर सर्वश्रेष्ठ कविता

Poem On Independence Day In Hindi :- भारत देश में स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जाता हैं। यह स्वतंत्रता दिवस हमें उन महान् स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाता है। जिन्होंने देश को स्वतंत्र कराने के लिए अपना सर्वस्व बलिदान किया। देश उनका ऋणी है। पराधीनता मनुष्य के लिए सबसे बड़ा अभिशाप है। पराधीनता मनुष्य को कुंठित करती है।इसलिए जिन हुतात्माओं ने स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया देश उनका कृतज्ञ है। यह हमारा दायित्व है कि हम इस स्वतंत्रता की रक्षा करें।

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आज पायी सच्ची आजादी

Poem On Independence Day In Hindi

 

सच्ची आजादी,

आज के दिन हमने पायी है।,

तोड़ दी है सारी बंदिशें,

खुल के दिल से,

मिलने की बारी आयी है।

 

चंद लोग थे मतलबी,

आपस में यह कैसी लड़ाई है।

मिल कर जीने की बारी आयी,

आज ही आजादी पायी है।

 

बलिदान दिया इसके खातिर

वीर जवानों ने,

उनकी रुह को तसल्ली आयी है।

आज ही आजादी हमने पायी है।

 

चल छोड़ चले गुजरी बातों को,

आने वाली हर खुशी अब हमारी है।

याद रहे इतना बस,

फिर कोई चूक न होने पाये।

 

बहुत बलिदानों के बाद,

यह आजादी हमने पायी है।

-सचिन

 

पंद्रह अगस्त

Poem On Independence Day

 

पंद्रह अगस्त, पंद्रह अगस्त,

आजादी का अनमोल दिवस।

जिससे पहले सब थे परवश,

अंग्रेजों का शासन कठोर।

 

अन्याय, दमन का सिर्फ जोर।

तब लड़कर-भिड़कर, मरकर भी,

दुश्मन को दी थी हां, शिकस्त।

आजादी की कीमत जानें,

 

भारत की गरिमा पहचानें।

इसका न कभी भी मान घटे,

हम जाति-धर्म में नहीं बंटें।

सब एक रहें, सब नेक रहें,

 

हो प्रगतिशील जनता समस्त।

अपना ध्वज फर-फर-फर फहरे,

दुनिया भारत पर गर्व करे।

कुछ नया करें, यह हो प्रयास,

 

हो लक्ष्य एक चतुंदिश विकास।

जो हमें तोड़ने की सोचे,

उसके मंसूबे करें ध्वस्त।

पंद्रह अगस्त, पंद्रह अगस्त।

-डॉ. नागेश पांडेय

मेरा भारत देश

Poem On Independence Day In Hindi

 

पुण्य तिरंगा से हमें,

मिलती है पहचान।

तीन रंग मन में भरे,

देशभक्ति का मान।।

 

भर देता मन प्राण में,

अतुलित पावन गर्व।

जब आता है देश में,

आजादी का पर्व।।

 

लहर-लहर लहरा रहा,

गर्वित हो आकाश।

आज तिरंगा भर रहा,

मन में परम प्रकाश।।

 

केसरिया बलिदान का,

सत्य शांति का श्वेत।

हरा प्रकृति प्रतीक जहाँ,

उर्वर पोषित खेत।।

 

चक्र प्रतीक है धर्म का,

सद्भावों के संग।

शोभित निज ध्वज को करे,

तीनों पावन रंग।।

 

नित-नित यह झण्डा भरे,

तन-मन में विश्वास।

संप्रभुता का है सखा,

जन-जन को आभास।।

 

पुण्य तिरंगा दे रहा,

जग को शुभ संदेश।

प्रेम भाव ही बाँटता,

अपना भारत देश।।

 

केसर की घाटी जहाँ,

नित ही बाँटें प्यार।

और हिमालय से बहे,

पावन गंगा धार।।

 

वीरों की है वीरता,

ज्ञानी का शुभ ज्ञान।

परिपाटी पावन जहाँ,

भारत देश महान।।

 

सर्वप्रथम निज देश है,

बाकी सब कुछ बाद।

आजादी के पर्व को,

रखो “प्रेम” नित याद।।

-प्रेमचन्द साव

 

प्यारा देश हमारा

Poem On Independence Day

 

कितना प्यारा देश हमारा,

सबकी आंखों का है तारा।

आजादी के गीत सुनाता,

वीरों का इतिहास बताता।

 

लाल किले की प्राचीर से,

लहराता है तिरंगा प्यारा।

यहां पर झर-झर झरते झरने,

यहां पर कल-कल करती नदियां।

 

प्रकृति ने बड़े ध्यान से,

है देश का रूप संवारा।

कश्मीर की प्यारी धरती,

सैलानी के मन को हरती।

 

कितना प्यारा दृश्य यहां का,

कितना सुंदर यहां नजारा।

संगमरमर का ताजमहल,

पूर्णमासी में लगे कंवल।

 

देश के चौड़े माथे पर,

जगमग जैसे एक सितारा।

हिंदू-मुस्लिम, सिख-ईसाई,

हैं रहते सब बन कर भाई।

 

ऐसा संगम कहीं नहीं है,

अद्भुत है यह एक नजारा।

भिन्न भेष-भाषा है पर,

रहते हैं सब मिलजुल कर।

 

आपस में नहीं कोई झगड़ा,

बहती है यहां प्रेम की धारा।

काशी, मथुरा, बोधगया,

अजमेर और अयोध्या।

 

तीर्थ हैं सबकी श्रद्धा के,

इनसे जुड़ा है देश यह सारा।

देश की खातिर सदा खड़े हैं,

दुश्मन से जो नहीं डरे हैं।

 

सीमा पर तैनात हैं जो,

उन्हें जान से देश है प्यारा।

-मुजलालुद्दीन खान

 

पर्व आजाद भारत का

Poem On Independence Day In Hindi

 

पर्व यह आजाद भारत का,

विश्व में मशहूर है।

सारे हिंदुस्तानी दिल से,

झंडे को देते सलामी।

 

प्रण करते हैं मर मिटने का,

याद करके दिन गुलामी।

इतिहास के पन्नों में यह दिन,

एक गज़ब का नूर है।

 

देश सजा है दूल्हे -सा,

बाजे – गाजे बज रहे।

चहुँओर हैं ढेरों खुशियाँ,

बच्चे-बूढ़े नाच रहे।

 

नया गीत है – नये रंग हैं,

और निराले सुर हैं।

-प्रमोद सोनवानी पुष्प

 

तिरंगा भारत की शान

Poem On Independence Day In Hindi

 

तिरंगा भारत की शान है,

माँ भारती की अमिट पहचान है।

 

हमारे दिलों की धड़कन,

यही हमारी जान है।

 

हिम शिखर पर लहराता,

गौरव राष्ट्र का बतलाता।

 

हर हिन्दुस्तानी के दिल का,

बढ़ाता ये सम्मान है।

 

इसकी खातिर हर सैनिक,

दे देते अपनी जान है।

 

हर देशभक्त का सपना,

तिरंगे का बढ़े मान है।

 

जो शौर्य की गाथा रचता,

वो दहाड़ता हिन्दुस्तान है।

 

हर हिन्दवासी की जान,

और वतन का अभिमान है।

 

तिरंगा भारत की शान है,

माँ भारती की अमिट पहचान है।

-अतुल पाठक

 

आजादी

Poem On Independence

 

सोने के इस चिड़िया को,

अंग्रेजों ने जब देखा।

हुए लालायित पाने को,

जाल गुलामी का फेंका।

 

देश हमारा, सबसे प्यारा,

सोने की थी चिड़िया।

अंग्रेजों ने गुलामी की,

जंजीरों में जकड़ लिया।

 

गुलामी के जंजीरों में,

जकड़ा हुआ था जब भारत।

आजादी के लिए लड़ाई,

चलती रही तब अनवरत।

 

अंग्रेजों ने किसानों पर,

गजब जुल्म थे ढाये।

अन्न उगाते अन्नदाता,

पर हाथ नहीं कुछ आये।

 

अनाचार देख अंग्रेजों का,

वीरों का खून खौला।

एकजुट होकर वीरों ने,

अंग्रेजों पे हल्ला बोला।

 

देख भारतीयों की एकता,

अंग्रेज फिर घबराये।

फुट डालो और शासन करो

की नीति तब अपनाये।

 

जब तक रहे अंग्रेज वतन पर,

शोषण और अत्याचार किए।

देकर अपनी जान वीरों ने,

देश को अपनी आजाद किए।

-प्रीतम कुमार साहू

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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