Top 27+ Best Poem On Sun In Hindi | सुर्य पर कविता हिंदी में

Poem On Sun In Hindi :-

 

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सूरज दादा

Poem On Sun

 

सूरज दादा, सूरज दादा,

रोज सवेरे जगते हो।

तुम जगते, औरों को जगाते,

बड़े भले तुम लगते हो।

 

सुबह गुनगुने धूप तुम देते,

दुपहरी तपते-तपाते हो।

शाम ढले तुम घर को जाते,

तम का आभास कराते हो।

हो दूर भले ही नभ पर तुम,

पर साथ हमारे चलते हो।

नित पथ पर अग्रसर रहना,

तुम साहस हममें भरते हो।

तेरे जाने से फिर नभ पर,

चमचम चंदा मामा आते हैं।

चुन्नू-मुन्नू,टोनू-मोनू सबको,

मीठी निंदिया दे जाते हैं।

-महेन्द्र साहू

सूरज बनकर

Poem On Sun

सूरज एक सितारा है,

हर प्राणी को प्यारा है।

इसके कारण ही भाई,

पड़े वस्तुएं दिखलाई।

इसकी किरणें पाते जब,

भोजन पेड़ बनाते तब।

धरती को गरमी देता,

तन की ठिठुरन हर लेता।

कोश विटामिन ‘डी’ वाला,

जो हड्डी का रखवाला।

सभी ग्रहों का मुखिया,

एक जगह इसकी कुटिया।

हरकर वसुधा के तम को,

सूरज बनकर तुम चमको।

-घमंडीलाल अग्रवाल

चमकता सूरज

Poem On Sun In Hindi

आसमान के ऊपर चमकता सूरज,

दुनिया को रौशन करता है।

जगमग कर जाता है सूरज,

सबको शक्ति यह देता है।

ऊर्जा का अनुपम स्रोत है सूरज,

इसके धूप से शक्ति मिलती है।

पेड़ -पौधे और जीव जंतु को,

इसी से ताकत मिलती है।

अगर न होता आसमान में सूरज,

सारी दुनिया अधेरा होता।

कभी नहीं फिर दिवस होता,

हरदम रात ही रात है होता।

देख नहीं पाते एक दूसरे को,

धरती पर अंधियारा छा जाता।

-सुरेखा नवरत्न

सूरज दादा

Poem On Sun

सूरज दादा, सूरज दादा,

क्यों इतना गरमाते हो।

हमने तुम्हारा क्या बिगाड़ा,

क्यों इतना गुस्साते हों।

सोकर उठते जब खटिया से,

तुमको शीश नवाते हैं।

हँसी-खुशी सारा दिन बीते,

ऐसा रोज मनाते हैं।

दिनभर तुम इतना तपते,

गरम तमाचे जड़ देते हो।

पशु-पक्षी व जीवजगत भी,

व्याकुल सबको कर देते हो।

वर्षा का जब मौसम आता,

ओट बादलों की ले लेते हो।

उमड़-घुमड़ जब वर्षा होती,

आसमान में खोजाते हो।

जाड़े में तुम बच्चे बन,

सबको प्यारे लगते हो।

हम भी बैठ खुले आँगन में,

तुमसे बाते करते हैं।

शाम ढ़ले तुम चल देते हो,

हम कमरों में छिपजाते हैं।

ओढ़ रजाई ऊपर से हम,

दुबक बिस्तरों में जाते हैं।

-संगरिया

सूरज की चिट्टी

Poem On Sun In Hindi

सूरज जी की चिट्ठी आयी,

सब कोई घर में घुस जाओ।

अभी चलेगी लू की लपटें,

कूलर-पंखे, एसी जी को।

अपने-अपने घर बुलवाओ,

शाम सुहानी जब आयेगी।

वह धूप नरम हो जायेगी,

बाग में फिर लगेंगे मेले।

पार्क में लगेंगे जूस के ठेले,

बड़े मजे से कुल्फी खाओ।

दिन भर पढ़ो कहानी किस्से,

खेलो तुम लूडो-कैरम।

सोकर समय यू न गंवाओ

भैया-दीदी के संग मिल के,

जम कर प्यारे खुशी मनाओ।

-महेंद्र कुमार वर्मा

सूरज

Poem On Sun In Hindi

सूरज की किरणें फैलें तो.

अंधियारा छंट जाता है।

आंधी और तूफानों से

सूर्य कहां रुक पाता है।

चंदा मामा ज्यों ही आते,

भैया सूरज घर जाते हैं।

बारिश, सूरज ऐसे मिलते,

इन्द्रधनुष बन जाता है।

-भूमि शुक्ला

गोरी-गोरी धूप

Poem On Sun In Hindi

उड़न खटोला,

सूरज का डोला।

चाँद के साथी,

तारे बने हाथी।

मुर्गे की बांग,

दिया सूरज टांग।

गोरी-गोरी धूप,

कैसा निखरा रूप।

राजेंद्र निशेश

सूरज भैया

Suraj Par Kavita

मेरे अच्छे, सूरज भैया

इतना हमें सताओ न।

गर्म हवा से चेहरे झुलसे

अब तो और डराओ ना

देखो बुलबुल हाँफ रही है।

और तोते टे – टे भूल गए।

डाली में जो फूल खिले थे

मुरझा कर वो झूल गए।

अंगारों से भरी पोटली

सर पर और गिराओ न।

मेरे अच्छे सूरज भैया,

इतनी हमें सताओ न।

देखो ताल तलैया को,

रंभाती उस गैया को।

अब नदियों में रेत बची है

कैसे खेलें नैया को।

सभी जानते तुम बलशाली

गर्मी खूब दिखाओ न।

लेकर एक बादल का टुकड़ा,

झट पीछे छुप जाओ न।

मेरे अच्छे सूरज भैया

इतना हमें सताओ ना

सतीश उपाध्याय

आया नया सवेरा

Poem On Sun In Hindi

उठो लाल! अब भोर हो गई

सूरज दादा आए हैं,

आओ! दर्शन कर लें उनके

नया सवेरा लाए हैं।

सबसे पहले मात-पिता का

आशीष अंक में भर लो,

फिर प्रभु के भी चरण पखारो

मन को आलोकित कर लो।

जल्दी उठके कसरत कर लो

फिर तुम ध्यान लगाओ,

सादा जीवन सुन्दर विचार

अपने जीवन में लाओ।

ठंडी-ठंडी पवन चल रही

नई ताजगी आएगी,

नए-नए सब काम करेंगे

नई राह बन जाएगी।

सुबह हो गई आलस त्यागो

कर्मवीर बन जाओ,

बाँह खोल कर खड़ा सवेरा

तुम आगे बढ़ते जाओ।

बड़े काम करने हैं तुमको

देश नया ही रचना है,

अनुपम हो संसार हमारा

वैसा सब कुछ करना है।

सुशीला शर्मा

सूरज

Poem On Sun In Hindi

भोर हुये सूरज आयेगा

सारे जग को चमकायेगा।

सोता बच्चा जग जायेगा,

वो शाला पढ़ने जाएगा।

फूल चमन में खिल जायेगा,

तब भौंरा गुनगुन गायेगा।

जो सोता ही रह जायेगा,

वो फिर पीछे पछतायेगा।

डॉ. तारा निगम

आई धूप

Suraj Kavita In Hindi

लेकर बस्ता आई धूप,

आंगन रस्ता छाई धूप।

चमक रही है डाली-डाली,

किरणों की सज गई प्याली।

डाल पे गाये कोयल काली,

खिल गई कलियां मतवाली।

खेतों को लुभाती धूप,

लेकर बस्ता आई धूप।

उपवन की भी मिट्टी महकी,

नन्हीं चिड़िया छत पर चहकी।

भंवरे के संग क्यारी-क्यारी,

तितली घूमे बहकी-बहकी।

ओस के संग मुस्काई धूप,

बस्ता लेकर आई धूप।

गोविन्द भारद्वाज

सूरज और हवा

Suraj Poem On Hindi

चिडिया बोली तितली डोली,

बच्चों ने अब आँखें खोली।

सूरज ने किरणें बिखराई,

शुद्ध हवा ने ठंडक घोली।

डाली में कलियाँ शरमाई,

तोते ने भी टेर लगाई।

डूबा चंदा तारे छिप गये,

मेंढक भी अब टर्र-टर्र बोली।

फूलों ने अब चूंघट खोला,

काँव-काँव कर कौआ बोला।

फुदक रहा है बछड़ा देखो,

में में करती बकरी भोली।

हिलमिल कर रहते हैं सारे,

धरती माँ के बच्चे प्यारे।

अच्छा काम हो नाम बड़ा,

यह कहते माँ हँसकर बोली।

कमल सिंह चौहान

सुबह का सूरज

Suraj Par Kavita

चिड़ियों ने गुनगुनाया है

सुबह का सूरज आया है

आकाश में छायी लाली

लगती भोर है मतवाली

छंटने लगा अंधियारा

धरा पर फैली खुशहाली

गीत कोयल ने गाया है

सुबह का सूरज आया है

पौ फटते ही उठे किसान

जा पहुंचे खेत-खलिहान

मंदिरों में बजे घंटियां

मस्जिदों में लगती अजान

रंग पवन ने जमाया है

सुबह का सूरज आया है

घर-आंगन में उतरी धूप

निखरा पेड़ों का भी रूप

सुबह का सूरज आया है.

गोविंद भारद्धाज

मुस्काया सूरज

Poem On Sun In Hindi

सुबह कांपते आया सूरज,

कुहरे से घबराया सूरज।

चली पवन तो भागे कुहरे,

सबके मन को भाया सूरज।

सुबह गुलाबी धूप सुहाती,

दुपहर को गरमाया सूरज।

लुका छुपी खेले बादल संग,

धरा देख मुस्काया सूरज।

शाम ढले पहुंचा पश्चिम तट,

नभ पे लालिमा लाया सूरज।

कल आने का वादा करके

सागर बीच समाया सूरज।

-महेंद्र कुमार वर्मा

सूरज, चांद, तारे और बादल

Short Poem On Sun In Hindi

आसमान में चमकता है

सूरज रोशनी देता है,

पूरब से आता हर रोज

धूप और गर्मी देता है।

रात के अंधेरे में चमकता है

बादलों के घेरे में रहता है,

घटता बढ़ता आता हर रोज

चंदा जैसे मेरे छत पर रहता है।

आसमान में टिम टिम करते हैं

कभी जलते और कभी बुझते हैं,

ढेरों रात में आते हर रोज

तारे कितने प्यारे लगते हैं।

बादल घुमड़ घुमड़ कर आते हैं

बड़े सुहाने मौसम लाते हैं,

उजले उजले लगते ये

छम छम बारिश लाते हैं।

अंजली मिश्रा

उठो जाग जाओ

Poem On Sunrise In Hindi

ये उगते हुए सूरज तुझको प्रणाम

कलियों ने तेरी राह है सजाई

ऊषा ने तेरे आने की खबर है सुनाई

तो पक्षियों ने भी तेरे स्वागत में

जो मधुर गीत है सुनाया

प्रतिदिन भोर में ही आकर

तू सबको जगा रहा है,

अपने आने की खबर।

दुनिया को जता रहा हैं,

प्रति तुझे, देख है मुस्कुराती

तेरे आने की आहट से

कालिमा है भाग जाती।

खुद को जला के तू यूं,

सब को प्रकाश दे रहा है

यह संदेश तू जो अपना

बिन कहे दुनिया को दे रहा है।

बहुत सो चुके तुम।

अब तो जाग जाओ

दुनिया में अब अंधेरा,

तुम और न फैलाओ।

इसान हो अगर तो,

इंसानियत को न भुलाओ।

अंधकार को भुला कर

अपने मन से प्रकाश को

सारी दुनियां में तुम फैलाओ।।

-किरन वर्मा

सूर्य न होता

Poem On Sun In Hindi

सूर्य न होता तो बगिया में,

फूल नहीं खिल पाते।

चाँद चमकता नहीं, न तारे,

झिल-मिल छटा दिखाते।

गिरि शिखरों पर बर्फ पिघलती,

नहीं, न नदियाँ बहती।

कैसे उनके जल में, छोटी –

बड़ी मछलियाँ रहतीं।

कैसे सागर से बादल उठ,

रिम-झिम वर्षा करते।

अन्न नहीं पैदा होता तो,

क्या सब भूखे मरते?

सूर्य न होता तो पृथ्वी पर,

होता घोर अँधेरा।

ऐसा घोर अँधेरा जिसमें,

क्या तेरा, क्या मेरा।

-निरंकार देव

सूरज की किरणें

Poem On Sun In Hindi

सूरज की किरणें उग आई,

फैला जगत उजाला।

भोर सुहानी, ने पहनाई

सूरज को जय – माला।

धरती – अम्बर प्रसन्न होकर ,

बजाते , खूब बाजा।

बन – ठन करके, निकले जग में,

दूल्हे सूरज राजा।

गगन हवाएं , फूल समाई

बांटी खूब, मिठाई।

पिंकू की मम्मी ने कर दी

उसकी खूब पिटाई।

डी जे बजा , नाचते सूरज,

राजा शरमाए हैं।

जग भर में है, हुई दोपहर,

मन में गरमाए है।

हुई विदाई ,दुल्हन लेकर

अपने घर जाते।

मीठी गोली , दूध – मलाई

खाने को पाते हैं।

-गिरीश इन्द्र

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